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मुंबई के स्कूलों में खेल-खेल में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक बोतल के लिए लगे बास्केटबॉल वाले डस्टबिन

मुंबई में बीएमसी के एफ-दक्षिण वार्ड ने परेल के सात नगर निगम स्कूलों में बास्केटबॉल की तर्ज पर विशेष कचरा पेटियां स्थापित की हैं।बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दी गई हिदायत के बाद यह पहल शुरू की गई है। इस प्रयोग में छात्र खेल-खेल में प्लास्टिक की बोतलें जंप लगाकर बास्केटबॉल नेट के जरिए कचरा पेटी में डालते हैं।इस मनोरंजक गतिविधि से छात्रों में कचरा पृथक्करण की आदत विकसित हो रही है और सभी सात संकलन पेटियां प्लास्टिक बोतलों से भर चुकी हैं, जिससे इस प्लास्टिक को मुख्य कचरा प्रवाह में जाने से रोकने में सफलता मिली है।

Khushi15 अग. 2026, 01:10 PM IST
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मुंबई के स्कूलों में खेल-खेल में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक बोतल के लिए लगे बास्केटबॉल वाले डस्टबिन
मुंबई के परेल स्थित सात नगर निगम स्कूलों में इन दिनों स्वच्छता केवल एक पाठ्यपुस्तक का विषय नहीं, बल्कि खेल के मैदान का रोमांच बन चुकी है, जहां स्कूली बच्चे खेल-खेल में प्लास्टिक बोतलों का प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण की नई मिसाल पेश कर रहे हैं।अक्सर देखा जाता है कि प्लास्टिक की खाली बोतलें सीधे सड़कों और मुख्य कचरे के ढेर में जाकर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बीएमसी के एफ-दक्षिण वार्ड ने इस समस्या का हल बच्चों के व्यवहार में बदलाव लाकर निकाला है, ताकि कम उम्र से ही कचरा पृथक्करण की आदत को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सके।इस अभियान का मुख्य आकर्षण 'बास्केटबॉल संकलन पेटियां' हैं। 

डस्टबिन के ऊपर लगे बास्केटबॉल नेट को देखकर बच्चे अपने घरों और आसपास से जुटाई गई प्लास्टिक बोतलों को जंप लगाकर नेट में डालते हैं। यह गतिविधि बच्चों के लिए इतनी मनोरंजक साबित हो रही है कि देखते ही देखते सातों स्कूलों की पेटियां प्लास्टिक बोतलों से पूरी तरह भर गई हैं।इस रचनात्मक पहल का सीधा असर यह हुआ है कि हजारों प्लास्टिक बोतलें अब नियमित कचरा प्रवाह (लैंडफिल) में जाने से बच गई हैं और उन्हें सीधे रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के लिए अलग कर लिया गया है। बीएमसी प्रशासन का मानना है कि जब बच्चे खुद किसी अभियान का हिस्सा बनते हैं, तो उसका प्रभाव उनके परिवारों और पूरे समाज पर पड़ता है।

यह प्रयोग बीएमसी के उस व्यापक दृश्यमान स्वच्छता अभियान का भी हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शहर के 227 पार्षदों के माध्यम से कचरा-मुक्त क्षेत्र बनाने और स्थानीय स्तर पर कचरा प्रसंस्करण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।एफ-दक्षिण वार्ड के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य ध्येय बच्चों को प्लास्टिक कचरे के सही निपटान के प्रति जागरूक करना था।

अधिकारियों का कहना है, "जब आप स्वच्छता को किसी खेल या मजेदार गतिविधि से जोड़ देते हैं, तो सहभागिता स्वतः बढ़ जाती है। बास्केटबॉल मॉडल ने विद्यार्थियों को प्लास्टिक बोतलों को फेंकने के बजाय उन्हें सहेजने और रीसाइक्लिंग के लिए एकत्र करने के लिए प्रेरित किया है।"