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लाल किला ब्लास्ट: NIA चार्जशीट में बड़ा खुलासा l

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में बड़ा दावा सामने आया है। एजेंसी के मुताबिक यह धमाका आत्मघाती हमला था और आरोपी उमर उन नबी कथित तौर पर धमाके के समय कार में मौजूद था। NIA का दावा है कि उसी ने कार में मौजूद विस्फोटक उपकरण को सक्रिय किया। जांच में एक कथित आतंकी मॉड्यूल, कट्टरपंथी प्रचार सामग्री और हमले की तैयारी से जुड़े दस्तावेजों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।

Kashish Rai10 सित. 2026, 06:59 PM IST
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लाल किला ब्लास्ट: NIA चार्जशीट में बड़ा खुलासा l

 लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी चार्जशीट में कई अहम दावे किए हैं। एजेंसी के मुताबिक, यह धमाका आत्मघाती हमला था। NIA का आरोप है कि मामले में आरोपी उमर उन नबी (A-1) धमाके के वक्त कार के अंदर मौजूद था और उसी ने कार में लगाए गए विस्फोटक उपकरण को सक्रिय किया। जांच एजेंसी ने इस मामले में कथित आतंकी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की भी जांच की है। चार्जशीट में एजेंसी ने कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित सामग्री और आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया है।

कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच

NIA ने जांच के दौरान अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े कथित मॉड्यूल की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया। एजेंसी के मुताबिक, बरामद सामग्री के जरिए आरोपियों की कथित विचारधारा और गतिविधियों को समझने की कोशिश की गई। चार्जशीट में कुछ ऐसे दस्तावेजों का भी उल्लेख है, जिन्हें जांच एजेंसी ने आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी और प्रचार से जोड़कर देखा है। NIA का दावा है कि इन सामग्रियों में हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली विचारधारा मौजूद थी।

प्रचार सामग्री को लेकर NIA का दावा

चार्जशीट में कथित तौर पर एक ऐसी सामग्री का जिक्र है जिसमें लोकतांत्रिक व्यवस्था और मौजूदा राजनीतिक प्रणालियों के खिलाफ हिंसक संघर्ष की विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। NIA के मुताबिक, इस सामग्री में हिंसा को धार्मिक आधार देने और सशस्त्र संघर्ष को सही ठहराने वाली बातें मौजूद थीं। एजेंसी का आरोप है कि इस तरह की प्रचार सामग्री ने कथित मॉड्यूल की गतिविधियों को वैचारिक आधार देने का काम किया।

ऑपरेशनल गतिविधियों की भी जांच

जांच एजेंसी ने चार्जशीट में कथित तौर पर ऐसी सामग्री का भी उल्लेख किया है, जिसमें पहचान छिपाने, सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने और गुप्त तरीके से गतिविधियां संचालित करने जैसे तरीकों का जिक्र था। NIA के अनुसार, इन दस्तावेजों की जांच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कथित मॉड्यूल की कार्यप्रणाली और उसके सदस्यों की गतिविधियों को समझने में मदद मिली। एजेंसी ने इन सामग्रियों को मामले की जांच से जोड़ते हुए अपनी चार्जशीट में शामिल किया है।

उमर उन नबी को लेकर सबसे बड़ा दावा

मामले में NIA का सबसे अहम दावा आरोपी उमर उन नबी को लेकर है। एजेंसी के मुताबिक, धमाके के वक्त उमर कार के अंदर मौजूद था और उसी ने विस्फोटक उपकरण को सक्रिय किया। NIA का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर धमाके को आत्मघाती हमला माना गया है। इस दावे के बाद जांच में कथित मॉड्यूल, आरोपियों की गतिविधियों और धमाके से पहले की तैयारियों की कड़ियों को जोड़ने पर जोर दिया गया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं। मामले में अंतिम फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।