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लैंड माफिया पर बड़ा वार, 2.08 लाख एकड़ जमीन मुक्त

उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ चलाए गए एंटी-लैंड माफिया अभियान के तहत 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि यानी करीब 2.08 लाख एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राजस्व विभाग के मुताबिक अभियान के दौरान 4.34 लाख से ज्यादा शिकायतें मिलीं, जिनमें 99 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। अब कब्जामुक्त जमीन की सुरक्षा और उसके भविष्य के उपयोग पर सरकार का फोकस है।

Neha Sharma13 अग. 2026, 09:41 PM IST
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लैंड माफिया पर बड़ा वार, 2.08 लाख एकड़ जमीन मुक्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ चलाए जा रहे एंटी-लैंड माफिया अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य के राजस्व विभाग के मुताबिक, पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। यह क्षेत्रफल लगभग 2.08 लाख एकड़ के बराबर है। विभाग का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई जमीन का एक बड़ा हिस्सा भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए सरकारी लैंड बैंक को मजबूत करने में उपयोगी हो सकता है।

एंटी-लैंड माफिया अभियान के तहत कार्रवाई

सरकार के अनुसार, सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की पहचान कर उन्हें खाली कराने के लिए एंटी-लैंड माफिया अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में केवल अतिक्रमण हटाने पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि शिकायतों के निस्तारण, राजस्व मामलों, सिविल मुकदमों और आपराधिक कार्रवाई को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है।

राजस्व विभाग ने बताया कि अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए चार स्तरों वाली एंटी-लैंड माफिया टास्क फोर्स बनाई गई है। यह व्यवस्था राज्य, मंडल, जिला और तहसील स्तर पर काम करती है। इसका उद्देश्य अतिक्रमण की पहचान से लेकर कार्रवाई और जमीन को कब्जामुक्त कराने तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।


ऑनलाइन पोर्टल पर 4.34 लाख से ज्यादा शिकायतें

सरकार ने अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतों को दर्ज कराने और उन पर हुई कार्रवाई की निगरानी के लिए एंटी-लैंड माफिया पोर्टल भी बनाया है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस पोर्टल पर अब तक 4,34,016 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 4,31,697 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का 99 प्रतिशत से अधिक है। वहीं 2,319 शिकायतें अभी लंबित हैं। ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखना और कार्रवाई को ट्रैक करना है। इससे प्रशासन के पास शिकायत से लेकर निस्तारण तक का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।


84,005 हेक्टेयर जमीन हुई कब्जामुक्त

अभियान का सबसे बड़ा आंकड़ा 84,005 हेक्टेयर से अधिक जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का है। एक हेक्टेयर करीब 2.47 एकड़ के बराबर होता है, इसलिए यह क्षेत्रफल लगभग 2.08 लाख एकड़ बैठता है। सरकार के मुताबिक, इस जमीन को कब्जामुक्त कराने से राज्य के पास एक बड़ा भूमि संसाधन उपलब्ध हुआ है, जिसे भविष्य में विकास संबंधी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।


कार्रवाई के साथ कानूनी प्रक्रिया भी जारी

अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ कई मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की गई। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान 25,068 राजस्व मामले, 1,168 सिविल मामले और 4,751 एफआईआर दर्ज की गई हैं। विभाग ने 1,413 अतिक्रमणकारियों को भू-माफिया के रूप में चिन्हित किए जाने की जानकारी दी है। इनमें से 144 लोग जेल में हैं। यानी अभियान का फोकस केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की गई।


कब्जामुक्त जमीन से मजबूत होगा सरकारी लैंड बैंक

सरकार के मुताबिक, कब्जामुक्त कराई गई जमीन का उपयोग भविष्य की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। इसमें सरकारी लैंड बैंक को मजबूत करना भी शामिल है।

ऐसी जमीन का इस्तेमाल आगे चलकर विकास परियोजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों और अन्य सार्वजनिक जरूरतों के लिए किए जाने की संभावना है। हालांकि, किसी विशेष जमीन का वास्तविक उपयोग उसके स्थान, भूमि रिकॉर्ड, कानूनी स्थिति और संबंधित सरकारी योजना पर निर्भर करेगा।


सिर्फ कब्जा हटाना नहीं, जमीन की सुरक्षा भी चुनौती

सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना अभियान का पहला चरण है। इसके बाद बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि खाली कराई गई जमीन पर दोबारा अवैध कब्जा न हो।

इसी वजह से शिकायतों की ऑनलाइन निगरानी और प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर टास्क फोर्स की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगातार निगरानी, भूमि रिकॉर्ड का रखरखाव और समय पर कार्रवाई के जरिए दोबारा अतिक्रमण की संभावना को कम किया जा सकता है।


आंकड़ों में यूपी का एंटी-लैंड माफिया अभियान

  • 84,005+ हेक्टेयर — अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन

  • लगभग 2.08 लाख एकड़ — कब्जामुक्त भूमि का कुल क्षेत्रफल

  • 4,34,016 — पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें

  • 4,31,697 — निस्तारित शिकायतें

  • 2,319 — लंबित शिकायतें

  • 25,068 — राजस्व मामले

  • 1,168 — सिविल मामले

  • 4,751 — एफआईआर

  • 1,413 — चिन्हित भू-माफिया

  • 144 — जेल में बताए गए भू-माफिया

आगे क्या?

2.08 लाख एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का आंकड़ा राज्य के भूमि प्रबंधन के लिहाज से बड़ा है। अब इस अभियान की सफलता केवल कब्जा हटाने से नहीं, बल्कि कब्जामुक्त जमीन की सुरक्षा, सही भूमि रिकॉर्ड, पारदर्शी आवंटन और सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने से भी तय होगी। राजस्व विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को व्यापक प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।