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सेना की ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, हथिनीकुंड में नाव बही
हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में सेना के जल प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। तेज बहाव की चपेट में आने से सेना की नाव बह गई, जिसमें सवार पांच कमांडो में से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो जवान लापता हो गए। लापता जवानों की तलाश के लिए सेना, SDRF और स्थानीय प्रशासन का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में सेना के विशेष प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यमुना नदी में चल रहे संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान सेना की एक मोटरबोट तेज बहाव और तकनीकी खराबी की वजह से नियंत्रण से बाहर हो गई और बैराज के नीचे की ओर बहते हुए पलट गई। नाव में सवार जवानों में से कई ने तैरकर सुरक्षित निकलने की कोशिश की, लेकिन दो जवान तेज बहाव में बह गए। बाद में एक जवान का शव बरामद किए जाने की सूचना सामने आई है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
चिनूक हेलीकॉप्टर से प्रशिक्षण का हिस्सा था अभ्यास
रिपोर्टों के मुताबिक, यह अभ्यास स्पेशल फोर्स के जवानों की ट्रेनिंग का हिस्सा था। जवानों को चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में उतारा गया था। इसके बाद वे मोटरबोट के जरिए जल प्रशिक्षण कर रहे थे। यह प्रशिक्षण कई दिनों से इलाके में चल रहा था और मंगलवार शाम अभ्यास के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि नाव में तकनीकी खराबी आने के बाद वह तेज बहाव की चपेट में आ गई।
तकनीकी खराबी के बाद तेज बहाव में फंसी नाव
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान नाव पानी के तेज बहाव में फंस गई और बैराज के डाउनस्ट्रीम हिस्से की ओर बहने लगी। जवानों ने नाव को वापस नियंत्रित करने और सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन वह पानी के निकासी द्वार के आसपास बने तेज भंवर में फंस गई। इसके बाद नाव पलट गई और उसमें सवार जवान तेज बहाव की चपेट में आ गए। शुरुआती रिपोर्टों में पांच जवानों के प्रभावित होने की बात सामने आई थी। तीन जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो जवान लापता हो गए।
तीन जवानों ने बचाई जान
हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार, तीन जवान तैरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में सफल रहे। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इन जवानों ने करीब 600 मीटर तक तैरकर अपनी जान बचाई। घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना के साथ भारतीय वायुसेना, SDRF, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी तलाशी अभियान में शामिल हुईं। नदी के बहाव वाले क्षेत्रों के अलावा आसपास के संभावित इलाकों में भी खोजबीन की गई। हेलीकॉप्टरों की मदद से भी इलाके की निगरानी की गई।
एक जवान का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी
हादसे के बाद दोनों लापता जवानों को खोजने के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, एक जवान का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे जवान की तलाश अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां नदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं। इससे पहले कई रिपोर्टों में दोनों जवानों के 20 से अधिक घंटे से लापता होने की जानकारी दी गई थी। शुरुआती रिपोर्टों में यह भी बताया गया था कि लापता जवानों में से एक जम्मू-कश्मीर और दूसरा महाराष्ट्र से संबंधित था।
सेना और प्रशासन की संयुक्त कोशिश
हादसे के बाद सेना और स्थानीय प्रशासन ने उपलब्ध संसाधनों के साथ खोज एवं बचाव अभियान तेज किया। तेज पानी के बहाव और बैराज क्षेत्र की परिस्थितियों के कारण राहत टीमों के सामने चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों की प्राथमिकता लापता जवान का पता लगाना और उसे सुरक्षित बाहर निकालना है। घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण के दौरान हुई तकनीकी समस्या और अन्य परिस्थितियों को समझा जा सके।
हथिनीकुंड बैराज क्यों महत्वपूर्ण है?
हथिनीकुंड बैराज यमुनानगर जिले में यमुना नदी पर स्थित एक प्रमुख जल नियंत्रण संरचना है। यहां से नदी के पानी को विभिन्न नहरों की ओर मोड़ा जाता है। बैराज क्षेत्र में पानी के प्रवाह और निकासी की स्थिति कई बार काफी तेज हो सकती है, जिससे किसी भी जल प्रशिक्षण के दौरान विशेष सावधानी जरूरी होती है। सेना के लिए ऐसे अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में जवानों की तैयारी और जल-आधारित अभियानों की क्षमता को परखने का हिस्सा होते हैं। हालांकि इस अभ्यास के दौरान हुए हादसे ने प्रशिक्षण की सुरक्षा व्यवस्था और परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा फोकस लापता जवान की तलाश पर है। सेना, वायुसेना और स्थानीय बचाव दल संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं और ऑपरेशन के आगे बढ़ने के साथ और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
