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हरियाणा की महिला योजना का बढ़ा राजनीतिक असर, ₹2,100 बना मुद्दा
हरियाणा: दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार द्वारा परिवार की सालाना आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.80 लाख किए जाने के बाद योजना का दायरा बढ़ गया है। सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष योजना की पात्रता और लाभार्थियों की वास्तविक संख्या को लेकर सवाल उठा रहा है। इस बीच, योजना को लेकर हरियाणा से पंजाब तक राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

हरियाणा: महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की आर्थिक सहायता देने वाली दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना अब सिर्फ कल्याणकारी योजना नहीं रह गई है, बल्कि राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनती जा रही है। हरियाणा सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए परिवार की सालाना आय की पात्रता सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.80 लाख करने का फैसला किया है। सरकार के मुताबिक इससे बड़ी संख्या में अतिरिक्त महिलाएं योजना के दायरे में आ सकेंगी।
₹2,100 की सहायता और बढ़ा दायरा
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत पात्र महिला को हर महीने ₹2,100 की सहायता दी जाती है। सरकारी जानकारी के अनुसार योजना में पात्रता के लिए महिला की उम्र कम से कम 23 वर्ष होना और हरियाणा में निर्धारित निवास संबंधी शर्तें पूरी करना जरूरी है। हरियाणा सरकार ने अब परिवार की सालाना आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.80 लाख करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि इस बदलाव से योजना का लाभ ज्यादा महिलाओं तक पहुंच सकेगा। सरकार ने इसके लिए दूसरे बजट में ₹6,500 करोड़ का प्रावधान भी किया है। सरकार का दावा है कि योजना के तहत अब तक करीब 10 लाख महिलाओं तक सहायता पहुंच चुकी है और ₹2,000 करोड़ से अधिक की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
योजना पर क्यों हो रही है राजनीति?
योजना को लेकर राजनीतिक बहस इसलिए तेज हुई है क्योंकि भाजपा इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सरकार के चुनावी वादे को पूरा करने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने महिलाओं को ₹2,100 मासिक सहायता देने का संकल्प लिया था और सत्ता में आने के बाद इसके लिए बजट प्रावधान किया गया। वहीं विपक्ष योजना की पात्रता शर्तों और वास्तविक लाभार्थियों की संख्या को लेकर सवाल उठा रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि आय सीमा, उम्र और अन्य शर्तों के कारण योजना का लाभ सभी महिलाओं तक नहीं पहुंचता। यानी राजनीतिक बहस अब केवल इस बात पर नहीं है कि सरकार महिलाओं को कितनी आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि इस पर भी है कि कितनी महिलाएं वास्तव में इस सहायता के लिए पात्र हैं और कितनी महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है।
पंजाब चुनाव से भी जुड़ा राजनीतिक एंगल
इस योजना का राजनीतिक महत्व हरियाणा से बाहर भी दिखाई दे रहा है। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा हरियाणा की लाडो लक्ष्मी योजना को अपने प्रचार अभियान में प्रमुखता से पेश करने की तैयारी में है। भाजपा हरियाणा में महिलाओं को मिलने वाली ₹2,100 मासिक सहायता की तुलना पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की महिलाओं के लिए चल रही सहायता योजना से कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पंजाब में सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए ₹1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए ₹1,500 मासिक सहायता का प्रावधान है। भाजपा का तर्क है कि हरियाणा मॉडल को पंजाब में भी लागू किया जा सकता है। दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि दोनों राज्यों की योजनाओं की पात्रता और कवरेज अलग-अलग है, इसलिए केवल मासिक राशि की तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं बताता।
सरकार बनाम विपक्ष की दलील
हरियाणा सरकार का कहना है कि लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को नकद सहायता देना नहीं, बल्कि उनके आर्थिक निर्णयों में भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को अन्य सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ अपने आप बंद नहीं होंगे। विपक्ष दूसरी तरफ योजना की पहुंच और पात्रता पर सवाल उठा रहा है। राजनीतिक तौर पर यही अंतर अब इस योजना को महिला कल्याण से आगे ले जाकर सरकार के कामकाज और चुनावी वादों के आकलन का मुद्दा बना रहा है।
महिलाओं के वोट पर नजर
हरियाणा और पंजाब दोनों की राजनीति में महिला मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाएं राजनीतिक दलों के लिए खास महत्व रखती हैं। लाडो लक्ष्मी योजना के विस्तार के बाद बहस और तेज हो गई है। एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा की योजना बता रही है, वहीं विपक्ष लाभार्थियों के दायरे और पात्रता पर सवाल उठा रहा है। पंजाब में भी भाजपा इस योजना को हरियाणा मॉडल के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस तरह ₹2,100 की मासिक सहायता वाली लाडो लक्ष्मी योजना अब हरियाणा की महिला कल्याण नीति के साथ-साथ चुनावी राजनीति का भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है।
