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हिरानंदानी विवाद में संजय राउत ने BMC को घेरा

मुंबई के पवई स्थित हिरानंदानी गार्डन्स में बिल्डर और रहिवाशियों के बीच विवाद को लेकर सांसद संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि रहिवाशियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और मामले में BMC की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। राउत ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पूरे मामले की जांच और रहिवाशियों को न्याय दिलाने की मांग की है।

Neha Sharma02 सित. 2026, 07:27 PM IST
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हिरानंदानी विवाद में संजय राउत ने BMC को घेरा

मुंबई: मुंबई के पवई स्थित हिरानंदानी गार्डन्स में बिल्डर और रहिवाशियों के बीच विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है। शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि हिरानंदानी बिल्डर ने रहिवाशियों के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की है और इस पूरे मामले में BMC के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रहिवाशियों को न्याय दिलाने की मांग की है। संजय राउत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि रहिवाशियों के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगरपालिका प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।


पांच हाउसिंग सोसायटियों के रहिवाशियों का मामला

रिपोर्ट के अनुसार, हिरानंदानी गार्डन्स, पवई के सेक्टर IX में स्थित पांच सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के पदाधिकारियों और रहिवाशियों ने संजय राउत से मुलाकात कर अपनी शिकायतें सामने रखीं। रहिवाशियों की ओर से मामले से संबंधित दस्तावेज और BMC अधिकारियों को दिए गए पत्र भी उनके सामने रखे गए। संजय राउत ने इन दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया कि मामला केवल किसी तकनीकी या प्रशासनिक गलती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रहिवाशियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर बिल्डर या संबंधित BMC अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


Recreation Ground को लेकर विवाद

विवाद का एक प्रमुख मुद्दा Recreation Ground (RG) से जुड़ा बताया जा रहा है। संजय राउत के मुताबिक, रहिवाशियों के लिए निर्धारित Recreation Ground को उन्हें उपलब्ध कराने के बजाय कथित तौर पर गणना और नियमों की अलग-अलग व्याख्याओं के आधार पर संबंधित इमारत को मंजूरी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने और नए नियमों की सुविधाजनक व्याख्या को मिलाकर बिल्डिंग Adonia II को मंजूरी दी गई। इसी को लेकर रहिवाशियों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।


17 अप्रैल 2025 की साइट जांच का भी हवाला

इस मामले में 17 अप्रैल 2025 को हुई संयुक्त साइट जांच के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया गया है। संजय राउत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और जांच से जुड़े रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद उन्होंने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि BMC इस पूरे मामले में रहिवाशियों की शिकायतों और लगाए गए आरोपों की किस तरह जांच करती है और संबंधित अधिकारियों या बिल्डर की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।


प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

संजय राउत ने मुख्यमंत्री कार्यालय और BMC प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि रहिवाशियों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और यदि नियमों के उल्लंघन या अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल यह मामला बिल्डर, रहिवाशियों और BMC प्रशासन के बीच अधिकारों, विकास मंजूरियों और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े सवालों पर केंद्रित है। आगे प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब से मामले की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।