business
Dhoot Transmission IPO को मिला मजबूत सब्सक्रिप्शन
Dhoot Transmission का ₹3,066.89 करोड़ का IPO आज 12 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो रहा है। ₹829–₹871 के प्राइस बैंड वाले इस इश्यू को निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली है और अंतिम दिन तक यह 5 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। अब निवेशकों की नजर शेयर अलॉटमेंट और 17 अगस्त की संभावित लिस्टिंग पर है।

नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Dhoot Transmission का ₹3,066.89 करोड़ का Initial Public Offering (IPO) आज, 12 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो रहा है। 10 अगस्त को खुले इस मेनबोर्ड IPO को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। बुधवार को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इश्यू अब तक करीब 5.04 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी ने IPO के लिए प्रति शेयर ₹829 से ₹871 का Price Band तय किया है। IPO में न्यूनतम 17 शेयरों का एक Lot है। इस हिसाब से Upper Price Band पर एक लॉट के लिए निवेशक को करीब ₹14,807 लगाने होंगे। इश्यू 10 से 12 अगस्त तक खुला है और इसके बाद शेयरों के Allotment की प्रक्रिया शुरू होगी।
IPO का आकार कितना है?
Dhoot Transmission के ₹3,066.89 करोड़ के IPO में ₹1,400 करोड़ का Fresh Issue और ₹1,666.89 करोड़ तक का Offer for Sale (OFS) शामिल है। Fresh Issue से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी की वित्तीय जरूरतों और कर्ज कम करने समेत निर्धारित कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाना है। OFS से मिलने वाली राशि कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि संबंधित Selling Shareholders को मिलेगी।
निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी
IPO के पहले दो दिनों में ही Dhoot Transmission का इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे दिन तक इश्यू पूरी तरह बुक हो चुका था और अंतिम दिन निवेशकों की मांग और बढ़ी। अंतिम दिन उपलब्ध NSE आंकड़ों के आधार पर कुल सब्सक्रिप्शन लगभग 5.04 गुना तक पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि IPO को संस्थागत और अन्य निवेशक वर्गों से अच्छी मांग मिली है। हालांकि, सब्सक्रिप्शन आंकड़े बाजार की मांग बताते हैं और कंपनी के शेयर की भविष्य की कीमत या रिटर्न की गारंटी नहीं देते।
GMP से भी मिल रहा मजबूत संकेत
Dhoot Transmission IPO के Grey Market Premium यानी GMP में भी तेजी दिखाई दे रही है। बुधवार की रिपोर्टों में GMP करीब ₹258 बताया गया, जो Upper Price Band ₹871 के मुकाबले लगभग 30 प्रतिशत के संभावित Listing Gain का संकेत देता है। हालांकि GMP अनौपचारिक और गैर-विनियमित बाजार का संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे काफी अलग हो सकती है।
कंपनी क्या कारोबार करती है?
Dhoot Transmission ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स से जुड़े कारोबार में सक्रिय है। कंपनी का कारोबार विशेष रूप से वायरिंग हार्नेस और वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है। इलेक्ट्रिक वाहनों और ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग के बीच इस सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो उपलब्ध IPO विवरण के अनुसार FY2024 से FY2026 के बीच कंपनी के राजस्व में वृद्धि हुई है। FY2026 में राजस्व करीब ₹4,525 करोड़ और Profit After Tax (PAT) करीब ₹397 करोड़ रहा।
EV सेक्टर से कंपनी को उम्मीद
इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EVs में इलेक्ट्रॉनिक्स और वायरिंग से जुड़े कंपोनेंट्स की जरूरत पारंपरिक वाहनों की तुलना में अलग और अधिक तकनीकी हो सकती है। ऐसे में Dhoot Transmission के लिए EV और ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार का विस्तार भविष्य में कारोबार बढ़ाने का अवसर बन सकता है। हालांकि, ऑटो कंपोनेंट उद्योग में वाहन बिक्री की स्थिति, कच्चे माल की कीमत, ग्राहकों पर निर्भरता, विदेशी बाजारों में मांग और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की गति जैसे जोखिम भी मौजूद रहते हैं। इसलिए केवल IPO का मजबूत सब्सक्रिप्शन या GMP देखकर कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
कब होगा Allotment और Listing?
IPO की टाइमलाइन के मुताबिक 12 अगस्त को सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद 13 अगस्त को शेयरों के Allotment को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर Listing 17 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Dhoot Transmission IPO को मिली मजबूत मांग यह दिखाती है कि मौजूदा बाजार में ऑटो कंपोनेंट और EV से जुड़े कारोबार को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। लेकिन IPO में निवेश करने वाले लोगों के लिए कंपनी का valuation, कर्ज, मुनाफे की गुणवत्ता, ग्राहक आधार, भविष्य की growth और industry risks को भी समझना जरूरी है।फिलहाल Dhoot Transmission IPO की सबसे बड़ी खासियत इस की मजबूत subscription demand और Grey Market में दिखाई दे रहा premium है। अब निवेशकों की नजर allotment और 17 अगस्त की संभावित listing पर होगी। वास्तविक बाजार प्रदर्शन listing के समय की मांग, बाजार की स्थिति और कंपनी के fundamentals पर निर्भर करेगा।
