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यूपी : भाजपा से पिछली सरकारों के विकास कार्यों में कोई दिलचस्पी नहीं थी
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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सत्ता संभालने वालों के पास विकास का कोई विजन नहीं था और उनकी काम करने में कोई रुचि नहीं थी, जिसके कारण प्रदेश दंगों और कुव्यवस्था की आग में जलता रहता था।
खानदान में लूट और सुरक्षा संकट: सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान केवल खानदान में लूट की होड़ मची रहती थी और वे महिलाओं की सुरक्षा के लिए खुद खतरा बने हुए थे। उनकी गैर-जिम्मेदारी के कारण प्रदेश महीनों कर्फ्यू और दंगों की आग में रहता था, तथा इंसेफलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों से मासूम बच्चों की मौतें होती थीं।
फील्ड में उतरने की अनिवार्यता: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का बदलाव तभी संभव है जब मुख्यमंत्री और मंत्री खुद समय निकालकर हर जिले का दौरा करें और ग्राउंड जीरो पर जाएं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले लोग दोपहर 12 बजे उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे और शाम को महफिलें जमती थीं।
शिक्षा और बुनियादी व्यवस्था में सुधार: 2014 में देश और 2017 में यूपी में भाजपा सरकार बनने से पहले भी काम हो सकते थे, लेकिन इसके लिए विजन की जरूरत होती है। सपा सरकार में बेसिक स्कूलों के बुरे हाल थे, पीने के पानी और टॉयलेट तक का इंतजाम नहीं था, जबकि आज 'निपुण भारत अभियान' के तहत स्कूलों में बैग, यूनिफॉर्म और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं।
हथकरघा और बुनकरों के लिए कार्य: हथकरघा और पावरलूम उद्योग यूपी की महान विरासत हैं, जिससे करीब 30 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी है। सरकार ने पिछले साल 40 हजार हस्तशिल्पियों को 109 करोड़ रुपये की बिजली सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे भदोही का कालीन उद्योग फिर से वैश्विक स्तर पर उभर रहा है।
अखिलेश यादव का पलटवार : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट कर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी झूठी छवि को सही दिखाने के लिए 'कॉस्मेटिक फेशियल' पर 7,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके जवाब में भाजपा विधायक विजय बहादुर पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार का सूचना विभाग पारंपरिक रूप से सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करता है।
