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मध्य रेल का नया कीर्तिमान: कबाड़ बेचकर कमाए 202.55 करोड़ रुपये, सबसे तेज गति से पार किया 200 करोड़ का आंकड़ा

मुंबई: मध्य रेल (Central Railway) ने कबाड़ (स्क्रैप) बिक्री में एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 5 अगस्त 2026 तक मध्य रेल ने 202.55 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। यह न केवल पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 76.94% की भारी वृद्धि है, बल्कि मध्य रेल के इतिहास में सबसे तेजी से 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने का नया रिकॉर्ड भी है।

Vinod Tiwari22 अग. 2026, 05:26 PM IST
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मध्य रेल का नया कीर्तिमान: कबाड़ बेचकर कमाए 202.55 करोड़ रुपये, सबसे तेज गति से पार किया 200 करोड़ का आंकड़ा

प्रमुख स्क्रेप सामग्रियों का निपटान

मध्य रेल ने वैज्ञानिक इन्वेंट्री प्रबंधन के जरिए विभिन्न प्रकार की अनुपयोगी सामग्रियों का व्यवस्थित निपटान किया:

 * रेलवे ट्रैक स्क्रेप (P-Way): 17,755 मीट्रिक टन

 * रेलवे स्लीपर्स: 1,21,381 नग

 * लौह धातु स्क्रैप (Ferrous Scrap): 11,658 मीट्रिक टन

 * गैर-लौह धातु स्क्रैप (Non-Ferrous Scrap): 1,370 मीट्रिक टन

 * रोलिंग स्टॉक: 11 लोकोमोटिव (इंजन), 33 कोच और 33 वैगन

मंडल और वर्कशॉप-वार राजस्व प्रदर्शन

मध्य रेल के सभी मंडलों और डिपो ने इस राजस्व अर्जन में अहम योगदान दिया:

 * मुंबई मंडल: 36.78 करोड़ रुपये

 * भुसावल मंडल: 33.19 करोड़ रुपये

 * पुणे मंडल: 27.22 करोड़ रुपये

 * नागपुर मंडल: 26.12 करोड़ रुपये

 * सोलापुर मंडल: 10.85 करोड़ रुपये

 * अन्य उत्पादन इकाइयां व वर्कशॉप्स: 68.39 करोड़ रुपये

'जीरो स्क्रैप स्टेटस' का लक्ष्य

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला के अनुसार, रेलवे अपने प्रमुख अभियान 'जीरो स्क्रैप स्टेटस' के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके तहत सभी मंडलों और डिपो में जमा अनुपयोगी सामग्री की पहचान, पृथक्करण और त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कबाड़ को मूल्यवान राजस्व में बदलना, कार्यकुशलता बढ़ाना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।