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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 8.9 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, मुंबई का यात्री गिरफ्तार
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने बैंकॉक से पहुंचे 41 वर्षीय यात्री इमरान शेख को गिरफ्तार किया। उसके सामान से कपड़ों के बीच छिपाकर रखे 14 एयरटाइट पैकेट में करीब 8.9 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 8.9 करोड़ रुपये बताई गई है।

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने नशीले पदार्थों की कथित तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को की गई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने एक यात्री के सामान से करीब 8.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। कस्टम विभाग ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 8.9 करोड़ रुपये बताई है। कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार यात्री की पहचान 41 वर्षीय इमरान शेख के रूप में हुई है। वह मुंबई का रहने वाला है और बैंकॉक से अहमदाबाद पहुंचा था। एयरपोर्ट पर यात्रियों और उनके सामान की जांच के दौरान अधिकारियों को उसके बैगेज को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद AIU की टीम ने उसके चेक-इन सामान को अलग से लेकर उसकी विस्तृत तलाशी ली।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को सामान के भीतर हरे रंग का पदार्थ मिला। यह पदार्थ 14 एयरटाइट प्लास्टिक पैकेट में पैक किया गया था और कपड़ों के बीच छिपाकर रखा गया था। अधिकारियों ने पैकेट्स को खोलकर पदार्थ की जांच की। शुरुआती परीक्षण में इसके गांजा (Marijuana) होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने पूरे सामान और बरामद पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद गांजे का कुल वजन करीब 8.9 किलोग्राम है। इसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 8.9 करोड़ रुपये बताई गई है। बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने के बाद यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हाइड्रोपोनिक गांजे को विदेश से भारत लाकर उसकी तस्करी की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, आरोपी इसे किस उद्देश्य से भारत लेकर आया था और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है।
कस्टम विभाग ने इमरान शेख को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रतिबंधित पदार्थ बैंकॉक में कहां से हासिल किया गया था और भारत पहुंचने के बाद इसे किसे सौंपा जाना था। जांच में आरोपी के मोबाइल फोन, यात्रा विवरण और संभावित संपर्कों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। कस्टम विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आरोपी अकेले इस कथित तस्करी में शामिल था या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और बरामद पदार्थ को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
