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बागपत दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मंदिर में शव दफन कर नेपाल भागा था

बागपत पुलिस ने अंकित-इसरार हत्याकांड के मुख्य आरोपी महंत बाबा नरेशनाथ को कोलकाता के विधाननगर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दोनों दोस्तों की हत्या कर मंदिर परिसर में शव दफना दिए थे और पहचान छिपाने के लिए भिखारी का भेष बनाकर मंदिर के बाहर रह रहा था।

Kashish Rai22 सित. 2026, 08:39 PM IST
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बागपत दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मंदिर में शव दफन कर नेपाल भागा था

उत्तर प्रदेश के बागपत में चर्चित अंकित-इसरार दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी महंत बाबा नरेशनाथ को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात के बाद लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पहले वह हरिद्वार पहुंचा, फिर नेपाल चला गया और वहां बाढ़ की स्थिति बनने के बाद कोलकाता पहुंचा। यहां उसने पहचान छिपाने के लिए भिखारी का भेष बना लिया और मंदिर के बाहर रहने लगा। मामला बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र के लहचौड़ा गांव स्थित गणेश मंदिर से जुड़ा है। 25 जुलाई को सिंगौली तगा गांव निवासी अंकित और उसका दोस्त इसरार घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की जांच मंदिर परिसर तक पहुंची।


इसके बाद 13 अगस्त को गणेश मंदिर परिसर में खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान जमीन के नीचे दोनों दोस्तों के शव बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, शवों को छिपाने के बाद गड्ढे के ऊपर टाइल्स बिछा दी गई थीं, ताकि किसी को शक न हो। जांच में मंदिर के महंत नरेशनाथ का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया। पुलिस ने उसके दो शिष्यों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि नरेशनाथ फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गईं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान नरेशनाथ के नेपाल में होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उसकी तलाश नेपाल और भारत में संभावित ठिकानों पर की जा रही थी। बाद में उसकी आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित विधाननगर में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर निगरानी शुरू की तो पता चला कि आरोपी पहचान छिपाकर भिखारी के रूप में एक मंदिर के बाहर रह रहा था। इसके बाद घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रेम संबंध और तस्वीरों को लेकर विवाद

पुलिस पूछताछ में नरेशनाथ ने कथित तौर पर अंकित की बहन के साथ प्रेम संबंध होने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, अंकित को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी और उसके पास दोनों से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी थीं। इन्हीं तस्वीरों को लेकर अंकित कथित तौर पर नरेशनाथ पर दबाव बना रहा था। पूछताछ में रुपये लेने की बात भी सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, बदनामी के डर से नरेशनाथ ने अंकित को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि उसने पहले अंकित और उसके साथ मौजूद इसरार को नींद की गोली मिलाकर चाय पिलाई। इसके बाद दोनों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में दफना दिए गए। वारदात के बाद सबूत छिपाने के लिए जमीन के ऊपर टाइल्स बिछा दी गईं।

हरिद्वार से नेपाल और फिर कोलकाता पहुंचा

पुलिस के अनुसार, दोहरे हत्याकांड के बाद नरेशनाथ इलाके से फरार हो गया। वह पहले हरिद्वार पहुंचा और वहां गंगा में डुबकी लगाई। इसके बाद नेपाल चला गया। नेपाल में बाढ़ की स्थिति बनने के बाद वह भारत वापस आया और कोलकाता पहुंच गया। कोलकाता में उसने अपना हुलिया और पहचान छिपाने के लिए भिखारी का रूप अपना लिया और मंदिर के बाहर रहने लगा। हालांकि, बागपत पुलिस उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की लगातार जानकारी जुटा रही थी। विधाननगर में लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में सामने आए अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।