education

पुराने वोकेशनल कोर्स बदलेंगे, केरल सरकार ने बनाई नई योजना

केरल सरकार वोकेशनल हायर सेकेंडरी एजुकेशन के पुराने पाठ्यक्रमों को बदलती तकनीक और रोजगार की जरूरतों के अनुसार अपडेट करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी, जो मौजूदा कोर्स की समीक्षा कर जरूरी बदलावों पर सुझाव देगी।

Neha Sharma22 सित. 2026, 08:38 PM IST
खबर शेयर करें:
पुराने वोकेशनल कोर्स बदलेंगे, केरल सरकार ने बनाई नई योजना

केरल: राज्य सरकार Vocational Higher Secondary Education (VHSE) के तहत चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों को बदलती जरूरतों के अनुसार अपडेट करने की तैयारी कर रही है। सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने कहा कि कई पुराने वोकेशनल कोर्स अब समय के साथ पिछड़ गए हैं। इन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी।


मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और विद्यार्थियों को भविष्य की पढ़ाई और रोजगार की जरूरतों के लिए तैयार करना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य वोकेशनल शिक्षा को मजबूत करना और छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान व जरूरी कौशल उपलब्ध कराना है।


रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुसार होंगे कोर्स

सरकार के अनुसार, आज छात्रों को केवल राज्य या देश के स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होना पड़ता है। ऐसे में वोकेशनल पाठ्यक्रमों में आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों को शामिल करने पर ध्यान दिया जाएगा।


मंत्री ने कहा कि केरल के छात्रों को ऐसी जानकारी, ज्ञान और व्यावहारिक समझ मिलनी चाहिए, जिससे वे देश-विदेश में बदलते रोजगार अवसरों के लिए खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कुछ काम ऑनलाइन माध्यम से भी किए जाएंगे, इसलिए छात्रों को नई परिस्थितियों के अनुरूप कौशल देना जरूरी है।


Digital Square Lab का भी उद्घाटन

यह घोषणा कासरगोड में एक वोकेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल के नए भवन की आधारशिला रखने और Digital Square Lab के उद्घाटन के दौरान की गई। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ छात्रों को बदलती दुनिया और रोजगार की जरूरतों के लिए तैयार करना भी प्राथमिकता है।


केरल के आधिकारिक VHSE पोर्टल पर 2026-27 के लिए पहले से ही कई रोजगार-केंद्रित पाठ्यक्रम सूचीबद्ध हैं, जिनमें हेल्थकेयर, कृषि, ऑटोमोटिव, फूड इंडस्ट्री, रिटेल, पर्यटन और BFSI जैसे क्षेत्र शामिल हैं। नई विशेषज्ञ समिति बनने के बाद इन पाठ्यक्रमों में किस तरह के बदलाव किए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से आगे सामने आने की उम्मीद है।