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NEET-UG परीक्षा का तरीका बदलने की तैयारी, अब कंप्यूटर पर होगी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET-UG मेडिकल प्रवेश परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित करने की संभावना पर विचार किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। वर्तमान में परीक्षा पेन-एंड-पेपर प्रारूप में आयोजित होती है।

Neha Sharma23 अक्टू. 2026, 05:38 PM IST
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NEET-UG परीक्षा का तरीका बदलने की तैयारी, अब कंप्यूटर पर होगी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

नई दिल्ली: मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए NEET-UG परीक्षा के प्रारूप में बदलाव एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET-UG परीक्षा को पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।


क्या बदलेगा NEET-UG परीक्षा में?

वर्तमान में NEET-UG परीक्षा में विद्यार्थी प्रश्नपत्र हल करके OMR शीट पर अपने उत्तर अंकित करते हैं। प्रस्तावित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में विद्यार्थियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न दिखाई देंगे और वे निर्धारित विकल्प चुनकर अपने उत्तर दर्ज करेंगे। मई 2026 में NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि विशेषज्ञ समिति ने NEET-UG को कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित करने की सिफारिश की है। सितंबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा आयोजित करने के लिए उपयुक्त सरकारी संस्थानों में कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों की पहचान करने का काम भी शुरू किया गया था।


बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। परीक्षा में लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं। प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। कंप्यूटर आधारित परीक्षा से प्रश्नपत्रों की छपाई, पैकिंग और परिवहन से जुड़े कुछ जोखिम कम किए जा सकते हैं। इसके अलावा, डिजिटल परीक्षा प्रणाली के माध्यम से परीक्षा संचालन और उत्तर दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है। हालाँकि, कंप्यूटर आधारित परीक्षा में भी साइबर सुरक्षा, तकनीकी खराबी और परीक्षा केंद्रों की पर्याप्त उपलब्धता जैसी चुनौतियाँ रहेंगी।


विद्यार्थियों को क्या तैयारी करनी चाहिए?

यदि NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित की जाती है, तो विद्यार्थियों को परीक्षा की नई प्रक्रिया से परिचित होना आवश्यक होगा। विद्यार्थियों को कंप्यूटर पर मॉक टेस्ट का अभ्यास करना चाहिए, प्रश्नों के बीच आगे-पीछे जाने की प्रक्रिया समझनी चाहिए और निर्धारित समय में प्रश्न हल करने की आदत विकसित करनी चाहिए। साथ ही, विद्यार्थियों को अपनी तैयारी में किसी तरह की जल्दबाजी में बदलाव करने के बजाय NTA की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए।


ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए क्या होंगी चुनौतियाँ?

कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने के लिए देशभर में पर्याप्त और सुरक्षित परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता होगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा। परीक्षा केंद्रों का समान वितरण आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।


NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित प्रारूप में बदलने की पहल मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकती है। इससे परीक्षा की सुरक्षा और संचालन में सुधार की संभावना है। हालाँकि, इसकी सफलता के लिए पर्याप्त परीक्षा केंद्र, मजबूत तकनीकी व्यवस्था और सभी विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी होगा। कंप्यूटर आधारित परीक्षा से संबंधित अंतिम नियम, परीक्षा का प्रारूप और अन्य निर्देश NTA की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार ही मान्य होंगे।