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आजमगढ़ में पूजा के दौरान खूनी विवाद, पत्नी और 2 पुजारियों की गोली मारकर हत्या l
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह तीन बच्चों को कमरे में लेकर करीब सात घंटे तक बंद रहा। पुलिस के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसके 8 साल के बेटे की भी गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम हुई तीन हत्याओं के बाद करीब सात घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार तड़के खत्म हुआ। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा कराने आए दो पुजारियों—पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा—की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों को लेकर एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस के मुताबिक, अरविंद के पास लाइसेंसी पिस्टल थी। घटना के बाद उसने पुलिस और परिजनों को गोली मारने की धमकी दी और बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही। सूचना मिलते ही आठ थानों की पुलिस समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस की कई टीमों ने करीब सात घंटे तक बातचीत के जरिए उसे सरेंडर कराने की कोशिश की। इस दौरान उसके परिजनों की भी मदद ली गई।
पुलिस के अनुसार, कई घंटे तक समझाने के बाद कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। इससे पुलिस को आशंका हुई कि बच्चों में से किसी को गोली लगी है। इसके बाद पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दरवाजा तोड़ने से पहले स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का दावा है कि कमरे में प्रवेश करते ही अरविंद ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की। उसे फायरिंग रोकने की चेतावनी दी गई और हवा में फायरिंग भी की गई। इसके बावजूद फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान करीब 3:30 बजे उसकी मौत हो गई। आजमगढ़ के एसएसपी अनिल कुमार के मुताबिक, इस दौरान अरविंद का 8 साल का बेटा भी गोली लगने से घायल था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के बाद के बयान के मुताबिक, बच्चे को गोली अरविंद ने ही मारी थी। शुरुआती कार्रवाई के दौरान यह स्पष्ट नहीं था कि बच्चे को गोली किस तरफ से लगी थी, इसलिए पुलिस ने इसे जांच का विषय बताया था।
पुलिस के अनुसार, अरविंद के घर में पिछले कुछ दिनों से पूजा चल रही थी। करीब दो साल पहले उसके भाई गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि भाई की आत्मा की शांति के लिए यह पूजा कराई जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, अरविंद पूजा कराने के पक्ष में नहीं था। मंगलवार शाम जब वह घर पहुंचा तो पूजा चल रही थी। इसी दौरान उसका पुजारियों से विवाद हो गया। बताया गया कि अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड मांगा और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद उसने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी।
पत्नी और दोनों पुजारियों की हत्या के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को कमरे में लेकर अंदर बंद हो गया। करीब सात घंटे तक पुलिस उसे बाहर आने के लिए समझाती रही। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है। इस घटना में अब तक कुल पांच लोगों की मौत हो चुकी है—अरविंद की पत्नी बबीता सिंह, दो पुजारी, अरविंद सिंह और उसका 8 साल का बेटा। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। पूरे मामले की जांच जारी है।
