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ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात, AI और ताइवान पर चर्चा
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम बैठक में व्यापार, AI, ताइवान और रणनीतिक संबंधों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने मौजूदा व्यापारिक ट्रूस को दो महीने आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। हालांकि, टैरिफ, तकनीकी प्रतिबंध, दुर्लभ खनिज और ताइवान जैसे मुद्दों पर मतभेद अभी बने हुए हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में अहम बैठक की। दोनों नेताओं के बीच अमेरिका-चीन संबंधों, व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ताइवान और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। यह शी जिनपिंग की एक दशक से ज्यादा समय बाद व्हाइट हाउस की यात्रा है।
बैठक से पहले अमेरिका और चीन के अधिकारियों ने मौजूदा व्यापारिक ट्रूस को दो महीने के लिए बढ़ाने पर सहमति बनाई। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, इस विस्तार से दोनों देशों को व्यापक आर्थिक समझौते पर आगे बातचीत के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। हालांकि, टैरिफ, चीन की खरीद, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति और तकनीकी प्रतिबंध जैसे कई मुद्दे अभी भी बातचीत के दायरे में हैं।
AI बना बातचीत का अहम मुद्दा
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी प्रमुख विषय रहा। अमेरिका और चीन दोनों ही AI और अत्याधुनिक तकनीक में अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। चीन की ओर से AI के विकास और प्रबंधन में सुरक्षा तथा मानव नियंत्रण पर जोर दिया गया। वहीं, अमेरिका-चीन के बीच उन्नत तकनीक और सेमीकंडक्टर से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
ताइवान और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी नजर
बैठक में ताइवान से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे। चीन लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और उसकी स्वतंत्रता के विरोध की बात करता रहा है। इसके अलावा ईरान और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा हुई।
दोनों नेताओं ने संवाद जारी रखने पर दिया जोर
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को रणनीतिक स्थिरता वाले संबंधों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए और दोनों बड़ी शक्तियों के बीच सही तरीके से संबंध बनाए रखने का रास्ता तलाशना चाहिए। चीन के सरकारी स्रोत के अनुसार, शी ने दोनों देशों के बीच लगातार संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
वहीं, ट्रंप ने बैठक के दौरान अमेरिका-चीन संबंधों को सकारात्मक तरीके से पेश किया और दोनों देशों के बीच सहयोग तथा आपसी हितों पर जोर दिया। हालांकि, बैठक के बाद उपलब्ध जानकारी के अनुसार व्यापार और तकनीक से जुड़े कई बड़े मतभेद अभी पूरी तरह हल नहीं हुए हैं।
क्या निकला नतीजा?
बैठक का सबसे स्पष्ट आर्थिक परिणाम व्यापारिक ट्रूस का दो महीने का विस्तार रहा। इससे अमेरिका और चीन को व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखने का समय मिला है। दूसरी ओर, AI, ताइवान, दुर्लभ खनिजों, तकनीकी प्रतिबंधों और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के मतभेद अभी बने हुए हैं।
