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पंजाब के LPU में छात्रों का प्रदर्शन ,छात्रा से गलत हरकत के आरोप के बाद हुआ बवाल

पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में कथित यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़ और NH-44 पर यातायात बाधित होने की खबर सामने आई। स्थिति को देखते हुए LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दी हैं। विश्वविद्यालय ने आरोपों को निराधार बताया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Neha Sharma28 सित. 2026, 04:04 PM IST
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पंजाब के LPU में छात्रों का प्रदर्शन ,छात्रा से गलत हरकत के आरोप के बाद हुआ बवाल

फगवाड़ा, पंजाब: Lovely Professional University (LPU) में कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर शुरू हुआ छात्र विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। छात्रों ने कैंपस में विरोध किया, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और NH-44 को 15 घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रखा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की शुरुआत उस दावे के बाद हुई जिसमें एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। हालांकि, LPU प्रशासन ने आरोपों को “झूठा, निराधार और मनगढ़ंत” बताया है। इसलिए कथित घटना की वास्तविकता अभी जांच का विषय है।


पुलिस ने छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच के लिए Special Investigation Team (SIT) बनाई गई है। पुलिस के अनुसार जांच में फॉरेंसिक, CCTV और फोन डेटा की भी जांच की जाएगी। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। हिंसा के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया और NH-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया।


बढ़ते तनाव के बीच LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं निलंबित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को घर जाने की अनुमति दी है, जबकि कैंपस में रुकने वाले छात्रों को हॉस्टल या अपने आवास में रहने और किसी भी अशांति से दूर रहने की सलाह दी गई है।


अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल जांच की निष्पक्षता, कैंपस सुरक्षा और छात्रों की शिकायतों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया को लेकर हैं। SIT की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटनाक्रम के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं।