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बेंगलुरु गोल्ड तस्करी केस में एक्ट्रेस रान्या राव पर ₹102.5 करोड़ जुर्माना, चार आरोपियों पर कुल ₹270.8 करोड़ की कार्रवाई

कस्टम्स ने कथित सोना तस्करी के मामले में एक्ट्रेस हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव और तीन अन्य आरोपियों पर कुल ₹270.8 करोड़ का जुर्माना लगाया है। कस्टम्स के मुताबिक, मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच सिंडिकेट ने 127 किलो से ज्यादा सोना भारत में तस्करी के जरिए पहुंचाया, जिसकी कीमत करीब ₹102.5 करोड़ बताई गई है।

Kashish Rai03 अक्टू. 2026, 06:44 PM IST
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बेंगलुरु गोल्ड तस्करी केस में एक्ट्रेस रान्या राव पर ₹102.5 करोड़ जुर्माना, चार आरोपियों पर कुल ₹270.8 करोड़ की कार्रवाई

बेंगलुरु में सामने आए कथित सोना तस्करी के बड़े मामले में कस्टम्स ने एक्ट्रेस हर्षवर्धिनी रान्या, जिन्हें रान्या राव के नाम से भी जाना जाता है, समेत चार आरोपियों पर कुल ₹270.8 करोड़ का जुर्माना लगाया है। कस्टम्स के संयुक्त आयुक्त (एयरपोर्ट) संदीप गुंजाल ने 30 सितंबर को इस मामले में आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक रान्या राव को कथित तस्करी किए गए पूरे सोने के कंसाइनमेंट के लिए जिम्मेदार माना गया है। कस्टम्स ने रान्या राव पर ₹102.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है। वहीं तरुण कोंडुरु राजू पर ₹62.1 करोड़ और साहिल सकरिया जैन तथा भरत कुमार जैन पर ₹53.1-₹53.1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। कस्टम्स के अनुसार, चारों आरोपी कथित तौर पर ऐसे सिंडिकेट से जुड़े थे, जिसने मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच 127 किलोग्राम से ज्यादा सोना भारत पहुंचाया। इसकी कुल कीमत करीब ₹102.5 करोड़ आंकी गई है।


मामला 3 मार्च 2025 को सामने आया था, जब रान्या राव दुबई से बेंगलुरु पहुंची थीं। एयरपोर्ट पर कस्टम्स ने उनकी तलाशी ली, जिसमें करीब 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था। उस समय बरामद सोने की कीमत करीब ₹12.6 करोड़ बताई गई थी। जांच के अनुसार, सोने को शरीर और सामान के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर भारत लाया गया था। कस्टम्स के आदेश में रान्या राव को मामले की मुख्य आरोपी बताया गया है। जांच के मुताबिक, तरुण कोंडुरु राजू की भूमिका दुबई में दस्तावेजों से जुड़े काम और सोने की डिलीवरी से संबंधित थी। वहीं साहिल सकरिया जैन और भरत कुमार जैन पर भारत में कथित तौर पर तस्करी के सोने को खपाने और बिक्री से मिलने वाले पैसे की व्यवस्था करने का आरोप है। कस्टम्स ने भुगतान के लिए कथित हवाला नेटवर्क के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया है।


जांच के दौरान रान्या राव के लावेल रोड स्थित घर की तलाशी भी ली गई थी। कस्टम्स के मुताबिक, यहां से करीब ₹2.7 करोड़ नकद और लगभग ₹2.1 करोड़ कीमत के आभूषण व अन्य कीमती सामान बरामद हुए। कस्टम्स ने इन संपत्तियों को कथित तौर पर तस्करी के सोने की बिक्री से प्राप्त रकम से जुड़ा बताया है। कस्टम्स के मुताबिक, मामले में सिर्फ 3 मार्च 2025 को बरामद 14.2 किलोग्राम सोना ही शामिल नहीं है। जांच में इससे पहले भारत लाई गई सोने की 14 कथित खेपों का भी पता चला, जिनमें कुल 113 किलोग्राम से ज्यादा सोना होने की बात कही गई है। इन खेपों को उस समय कस्टम्स द्वारा बरामद नहीं किया जा सका था। जांच एजेंसी ने दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े सबूतों के आधार पर कथित नेटवर्क की भूमिका तय की।


आदेश तैयार करने के दौरान अधिकारियों ने एयरपोर्ट की 16 घंटे से ज्यादा की CCTV फुटेज की जांच की। इसके अलावा 152 दस्तावेजों और अन्य डिजिटल व वित्तीय सबूतों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। इन्हीं सबूतों के आधार पर कस्टम्स ने चारों आरोपियों की कथित भूमिका और तस्करी के नेटवर्क को लेकर अपने निष्कर्ष दर्ज किए। कस्टम्स के इस आदेश के खिलाफ चारों आरोपी कस्टम्स कमिश्नर (अपील्स) के सामने अपील कर सकते हैं। आदेश की सूचना मिलने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपील दाखिल करने का प्रावधान है। यानी जुर्माने के इस आदेश को संबंधित पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती दे सकते हैं।