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UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड! 6 महीनों में हुए 145 अरब ट्रांजैक्शन

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में UPI लेनदेन 27% बढ़कर करीब 145 अरब पहुंच गया। 15 अक्टूबर से कुछ बड़े merchant transactions पर नया MDR नियम लागू होगा, जबकि आम यूजर्स के Person-to-Person UPI payments मुफ्त रहेंगे।

Neha Sharma03 अक्टू. 2026, 06:36 PM IST
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UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड! 6 महीनों में हुए 145 अरब ट्रांजैक्शन

नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे प्रमुख माध्यम बन चुका Unified Payments Interface (UPI) लगातार तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में UPI पर करीब 145 अरब लेनदेन हुए, जो पिछले साल की समान अवधि के 114 अरब लेनदेन से लगभग 27% अधिक हैं। इन लेनदेन का कुल मूल्य भी करीब 20% बढ़कर ₹177 लाख करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग ₹148 लाख करोड़ था। सितंबर में मासिक लेनदेन 24.07 अरब रहा, जो अगस्त के 24.5 अरब से थोड़ा कम है।


15 अक्टूबर से नया MDR नियम

UPI इकोसिस्टम में 15 अक्टूबर 2026 से नया Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। इसके तहत ₹2,000 से अधिक के कुछ merchant UPI transactions पर 0.4% MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों के सामान्य UPI भुगतान पर नहीं। ₹75,000 या उससे अधिक के ऐसे लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि Person-to-Person (P2P) UPI transactions पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। ₹2,000 तक के merchant payments और छोटे merchants के लिए निर्धारित zero-MDR transactions भी मुफ्त रहेंगे। PIB के अनुसार, लगभग 96% merchant transactions इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।


नए MDR से मिलने वाला पैसा सरकार को टैक्स के रूप में नहीं जाएगा, बल्कि UPI ecosystem में शामिल बैंकों और payment service providers के बीच वितरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम की दीर्घकालिक sustainability, infrastructure और security को मजबूत करना है।