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दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों के आरोप, पुलिस पर यौन उत्पीड़न का दावा; क्राइम ब्रांच करेगी जांच

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। पुलिस के मुताबिक तीनों महिलाओं की शिकायत दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराया गया है।

Kashish Rai05 अक्टू. 2026, 02:40 PM IST
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों के आरोप, पुलिस पर यौन उत्पीड़न का दावा; क्राइम ब्रांच करेगी जांच

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और शिकायतकर्ताओं समेत संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि वह प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर एक ACP से सवाल किया। पत्रकार का दावा है कि इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद वह अन्य लोगों के साथ शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गई थीं।

दिल्ली पुलिस की DCP (PRO) नेहा यादव ने बताया कि तीन महिलाओं ने हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर मैनहैंडलिंग की शिकायत दी है। पुलिस के मुताबिक तीनों शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और महिलाओं का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। मामले को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू थी। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों को इसकी जानकारी देकर प्रदर्शन स्थल खाली करने की चेतावनी दी गई थी। चेतावनी का पालन नहीं होने पर पुलिस ने हिरासत में लेने की कार्रवाई की।

 प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने पत्रकारों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर नाराजगी और चिंता जताई है। परिषद ने महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी पर चिंता जताई और पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार सुनिश्चित करने की बात कही।दिल्ली पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो या अन्य फुटेज रखने वाले लोगों से उन्हें क्राइम ब्रांच के साथ साझा करने की अपील की है, ताकि जांच में सभी उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जा सके। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले का संज्ञान लेने की मांग की और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।