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इंस्टाग्राम रील से शुरू हुआ शेयर मार्केट फ्रॉड, कल्याण के युवक से 6.97 लाख की ठगी
कल्याण पूर्व में शेयर मार्केट और IPO (आईपीओ) में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक युवक से 6.97 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कथित तौर पर HDFC सिक्योरिटीज की कस्टमर सर्विस के नाम पर संपर्क कर युवक को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। रकम निकालने के लिए दोबारा टैक्स के नाम पर पैसे मांगने पर युवक को ठगी का शक हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।

FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता दीपक दिगंबर मनवर, उम्र 37 वर्ष, कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका इलाके में रहते हैं और कलवा स्थित श्रीसेवा मेडिकल में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी परभणी जिले के एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। दोनों की आय से परिवार का खर्च चलता है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 5 अगस्त 2026 को वह मेडिकल की दुकान पर काम कर रहे थे। इसी दौरान इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल करते समय उन्हें एक रील दिखाई दी। इसमें HDFC सिक्योरिटीज के सेबी पंजीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिदिन 800 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। रील में दिए गए लिंक पर जाकर उन्होंने रजिस्ट्रेशन किया।इसके बाद 8895748268 नंबर से एक व्यक्ति ने HDFC कस्टमर सर्विस के नाम पर फोन किया। आरोपी ने उनसे निवेश शुरू करने के बारे में पूछा और बाद में उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। FIR में इस ग्रुप का नाम Z-101 Capital Horizons और Z-1014 Customer Service बताया गया है।
शिकायत के अनुसार, इस ग्रुप में धनशा वर्मा, नन्या शर्मा और रमेश वर्मा नाम के लोग शेयर मार्केट के बारे में जानकारी देते थे। वे किस शेयर को कब खरीदना और कब बेचना है, इसकी जानकारी देने के साथ ग्रुप में कथित मुनाफे के स्क्रीनशॉट भी साझा करते थे। इससे शिकायतकर्ता को आरोपियों पर भरोसा हो गया। इसके बाद 10 अगस्त को शिकायतकर्ता ने 47,000 रुपये एक बैंक खाते में भेजे। 14 अगस्त को 1 लाख रुपये और 18 अगस्त को 50,000 रुपये की रकम दूसरे खाते में जमा की। इसके बाद धनशा वर्मा ने IPO में निवेश करने पर 130 प्रतिशत तक मुनाफे का झांसा दिया। FIR के मुताबिक, शिकायतकर्ता को सनशाइन पिक्चर IPO के 2,870 शेयर मिलने की बात बताई गई। इन शेयरों को लेने के लिए 7,27,057.10 रुपये की जरूरत बताई गई। जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम उपलब्ध नहीं होने की बात कही, तो आरोपियों ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये तक का लोन देने का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता ने 28 अगस्त को 1 लाख रुपये और 8 सितंबर को 4 लाख रुपये जमा किए। इस तरह FIR में दर्ज विवरण के अनुसार आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 6.97 लाख रुपये भेजे गए। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने निवेश की रकम और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की तो HDFC कस्टमर सर्विस के नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने शॉर्ट टर्म प्रॉफिट टैक्स के नाम पर 1.67 लाख रुपये और जमा करने को कहा। इस पर शिकायतकर्ता को संदेह हुआ। उन्होंने अपने मित्र को पूरी जानकारी दी, जिसने साइबर फ्रॉड होने की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी। शिकायतकर्ता ने 11 सितंबर 2026 को पुलिस स्टेशन में साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद अब कोलसेवाड़ी पुलिस ने FIR दर्ज की है। मामले में धनशा वर्मा, नन्या शर्मा, रमेश वर्मा और HDFC सिक्योरिटी कस्टमर सर्विस के नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।
