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मां ने गिफ्ट की Mini Cooper, सुहैल सजीव ने की 3 युवाओं की जिंदगी खत्म, अब क्या पिता संभालेंगे मामला?
केरल में कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तेज रफ्तार और कथित नशे में ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 19 वर्षीय सुहैल सजीव (Suhail Sajeev) की तेज रफ्तार Mini Cooper ने स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर के कथित बयान—कि उसके पिता सब संभाल लेंगे—ने भी विवाद खड़ा कर दिया है।
Kalpana Gautam12 अक्टू. 2026, 06:42 PM IST

जन्मदिन का तोहफा या सड़क पर मौत की रफ्तार?
मृतकों की पहचान देविका (21), गोपिका (22) और इयास/इजाज (21) के रूप में हुई है। ये केरल और कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों से थे। तीनों एर्नाकुलम के थ्रिक्काकरा स्थित एक हस्तशिल्प की दुकान पर काम करते थे और अपनी पढ़ाई के साथ नौकरी करके भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि सुहैल को उसकी मां ने जन्मदिन पर Mini Cooper गिफ्ट की थी। इस निजी लग्जरी कार के साथ हुई दुर्घटना अब एक गंभीर सड़क सुरक्षा मामले में बदल गई है।
रविवार, 11 अक्टूबर की तड़के करीब 1:45 बजे केरल के नेदुंबस्सेरी में एयरपोर्ट रोड पर यह हादसा हुआ। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कथित तौर पर तेज रफ्तार से आ रही Mini Cooper ने पीछे से स्कूटर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटर पर सवार तीनों युवाओं की जान चली गई।
120 किमी/घंटे से ज्यादा रफ्तार का आरोप, नशे की भी जांच
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को आशंका है कि हादसे के समय कार 120 किमी/घंटे से अधिक की रफ्तार पर थी। पुलिस ने यह भी कहा कि ड्राइवर के नशे में होने का संदेह है। उसके रक्त और अन्य नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। जांच पूरी होने से पहले नशे की स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हादसे के बाद कथित बयान ने बढ़ाया विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद जब स्थानीय लोगों ने ड्राइवर को रोका और उससे सवाल किए, तो उसने कथित तौर पर कहा कि उसके पिता सब संभाल लेंगे। पुलिस ने सुहैल को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या महंगी कार, तेज रफ्तार और कथित रसूख के भरोसे सड़क पर दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालना स्वीकार्य है? तीन युवा अब अपने परिवारों के बीच नहीं लौटेंगे। इस मामले में जरूरी है कि जांच निष्पक्ष हो और कानून के अनुसार जवाबदेही तय की जाए।
