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रेखा पाखरे की शिकायत पर डोंबिवली में दहेज प्रताड़ना की FIR दर्ज, पति कडूबा पाखरे समेत 4 लोगों पर मामला दर्ज
डोंबिवली पश्चिम के विष्णुनगर पुलिस थाने में विवाहिता रेखा पाखरे की शिकायत पर पति कडूबा रंजनराव पाखरे समेत ससुराल के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महिला ने दहेज की मांग, गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498-A, 323, 504 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता रेखा कडूबा पाखरे की शादी 29 जुलाई 2020 को जालना जिले के गेवराई क्षेत्र के गोंदेगांव में बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। रेखा के मुताबिक, शादी में उनके पिता ने लगभग 3 लाख रुपये खर्च किए थे। विवाह के दौरान उनके माता-पिता ने पति को 5 ग्राम सोने की अंगूठी भी दी थी। हालांकि, महिला का आरोप है कि शादी के अगले ही दिन से पति कडूबा रंजनराव पाखरे, ससुर रंजनराव दगडू पाखरे, ननद सिंधु दिनेश खरात और नंदोई दिनेश खरात उसे शादी में उचित मान-सम्मान नहीं मिलने की बात कहकर ताने देने लगे। रेखा ने शिकायत में बताया कि ससुराल के लोग शादी में दिए गए सामान को कम कीमत का बताते हुए उसे वापस करने की बात कहते थे। आरोप है कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति और दहेज को लेकर भी अपमानजनक बातें कही जाती थीं। महिला के अनुसार, उसके ससुर रंजनराव पाखरे पति से घर बनाने के लिए उससे पैसे मांगने और नौकरी करने के बजाय घर बैठने जैसी बातें कहते थे। ननद और नंदोई भी कथित तौर पर पति को उसके खिलाफ भड़काते थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन विवादों के कारण पति उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था।
महिला ने बताया कि अक्टूबर 2020 में गर्भवती होने के बाद उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर प्रसव का खर्च उठाने में असमर्थता जताई। इसके बाद पति उसे छठे महीने में ही मायके छोड़ आया। 23 जुलाई 2021 को उसने बेटे संग्राम को जन्म दिया। शिकायत के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का कोई सदस्य उसे और उसके बेटे को देखने नहीं आया। रेखा के मुताबिक, करीब डेढ़ साल बाद दिसंबर 2022 में पति और उसका मामा उसे बेटे के साथ वापस ससुराल ले गए। वहां बच्चे की तबीयत अक्सर खराब रहती थी। महिला ने आरोप लगाया कि एक बार बच्चा उसके ससुर के हाथों सीढ़ी से नीचे गिर गया, लेकिन उस समय उचित उपचार नहीं कराया गया। बाद में बच्चे को उल्टी और दस्त की परेशानी होने लगी। शिकायत में कहा गया है कि ससुराल पक्ष ने बच्चे के इलाज का खर्च उठाने में असमर्थता जताते हुए मई 2024 में उसे और बेटे को मायके भेज दिया। इसके बाद बच्चे का मुंबई के नायर अस्पताल में उपचार कराया गया, जहां 27 जून 2024 को उसकी मृत्यु हो गई। रेखा का आरोप है कि बेटे की मृत्यु के बाद भी पति और ससुराल पक्ष का कोई सदस्य उससे मिलने नहीं आया और न ही उसे वापस ले जाने के लिए संपर्क किया।
शिकायतकर्ता ने 24 फरवरी 2026 को कल्याण के महिला शिकायत निवारण कक्ष में आवेदन दिया था। उसके अनुसार, निर्धारित तारीखों पर पति और ससुराल पक्ष के सदस्य उपस्थित नहीं हुए, इसलिए समझौता नहीं हो सका। बाद में उसने विष्णुनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति कडूबा रंजनराव पाखरे, ससुर रंजनराव दगडू पाखरे, ननद सिंधु दिनेश खरात और नंदोई दिनेश खरात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 498-A (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना) और 34 (साझा इरादे से किया गया कृत्य) लगाई गई हैं। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक रामचंद्र हरि चोपड़े के नाम से दर्ज है। फिलहाल, ये आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
