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हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का आरोप, जूनियर से आंखें न मिलाने समेत लिखवाए नियम

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष के छात्र ने सीनियर छात्रों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। छात्र ने ईमेल के जरिए कॉलेज प्रशासन से शिकायत की। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने आंखों में आंखें डालकर बात नहीं करने और अपनी पसंद के नाम से संबोधित करने जैसे नियम लिखकर दिए थे। शिकायत के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच शुरू कर दी है और द्वितीय वर्ष के आधा दर्जन से अधिक छात्र जांच के दायरे में हैं।

Kashish Rai15 अक्टू. 2026, 04:40 PM IST
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हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का आरोप, जूनियर से आंखें न मिलाने समेत लिखवाए नियम

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में रैगिंग का मामला सामने आया है। MBBS प्रथम वर्ष के एक छात्र ने सीनियर छात्रों पर मानसिक रूप से परेशान करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। छात्र ने ईमेल के जरिए कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रमेश भारती से शिकायत की। मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एंटी रैगिंग कमेटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। शिकायत में सीनियर छात्रों के कथित निर्देशों को लेकर भी सवाल उठे हैं। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमेश भारती के मुताबिक, छात्र ने अपनी शिकायत में बताया कि सीनियर छात्रों ने व्यवहार से जुड़े कुछ नियम लिखकर दिए थे। इनमें सीनियर छात्रों से आंखें मिलाकर बात नहीं करना और उन्हें उनके बताए नाम से संबोधित करना जैसी बातें शामिल थीं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जानकारी के मुताबिक, शिकायत करने वाला छात्र हिमाचल प्रदेश के बाहर का रहने वाला है और उसने हाल ही में MBBS प्रथम वर्ष में दाखिला लिया है। छात्र का आरोप है कि कुछ सीनियर उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे, जिससे उसे मानसिक परेशानी हो रही थी। उसने अपनी शिकायत ईमेल के जरिए कॉलेज प्रशासन तक पहुंचाई। रैगिंग से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखना जरूरी है, ताकि जांच के दौरान उस पर किसी तरह का दबाव न पड़े। प्रिंसिपल डॉ. रमेश भारती ने बताया कि प्राध्यापक मोनिका के माध्यम से उन्हें छात्र की शिकायत की जानकारी मिली थी। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी रैगिंग कमेटी को सक्रिय किया। कमेटी की बैठक में शिकायत के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की गई और संदेह के दायरे में आए छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया गया।

कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी MBBS द्वितीय वर्ष के आधा दर्जन से अधिक छात्रों की भूमिका की जांच कर रही है। संबंधित छात्रों को एक-एक करके बुलाकर बंद कमरे में पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए हैं। कमेटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शिकायत में बताए गए नियम किसने बनाए थे और क्या छात्र के साथ वास्तव में मानसिक प्रताड़ना की गई थी। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मामले की जांच पारदर्शिता के साथ की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई छात्र दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।