education

स्वच्छ स्कूल, सुरक्षित विद्यार्थी: महाराष्ट्र में विशेष सफाई अभियान की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार 18 से 31 अक्टूबर 2026 तक स्कूलों में विशेष सफाई अभियान चलाने की योजना बना रही है। इस दौरान कक्षाओं, शौचालयों, पुस्तकालयों और खेल के मैदानों की सफाई के साथ छोटी-मोटी मरम्मत भी की जाएगी। इस अभियान में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक भाग लेंगे।

Neha Sharma17 अक्टू. 2026, 05:36 PM IST
खबर शेयर करें:
स्वच्छ स्कूल, सुरक्षित विद्यार्थी: महाराष्ट्र में विशेष सफाई अभियान की तैयारी

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के स्कूलों में 18 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष सफाई अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूलों को साफ, सुंदर और सुरक्षित बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।


स्कूलों की सफाई और मरम्मत पर रहेगा जोर

इस अभियान के दौरान स्कूलों की कक्षाओं, पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं, शौचालयों और खेल के मैदानों की सफाई की जाएगी। इसके अलावा, टूटे हुए फर्नीचर की मरम्मत, कचरे को हटाने और पीने के पानी की व्यवस्था की जाँच पर भी ध्यान दिया जाएगा।


दो चरणों में पूरा होगा अभियान

अभियान के पहले चरण में स्कूलों की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा और सफाई व मरम्मत से जुड़े कार्यों की योजना बनाई जाएगी। दूसरे चरण में सफाई, छोटी-मोटी मरम्मत और स्कूल परिसर को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा।


विद्यार्थियों और शिक्षकों की होगी भागीदारी

इस अभियान में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और स्कूल प्रबंधन समितियाँ भाग लेंगी। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित करना और उन्हें अपने आसपास का वातावरण साफ रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।


स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

स्वच्छ स्कूलों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकता है। साफ शौचालय, सुरक्षित पेयजल और कचरे का उचित निपटान बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, बिजली की व्यवस्था और स्कूल भवन की स्थिति की जाँच से विद्यार्थियों की सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।


अभियान का खर्च कैसे होगा?

रिपोर्ट के अनुसार, अभियान के लिए समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत उपलब्ध निर्धारित राशि का उपयोग किया जाएगा। विद्यार्थियों से अनिवार्य रूप से पैसे लेने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। यदि अभियान को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो इससे विद्यार्थियों को साफ-सुथरे वातावरण में पढ़ने और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनने में मदद मिलेगी।