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मोतिहारी के मधुबन में चोरी के आरोप में 6 बच्चों से बर्बरता, पीटा और चप्पल पर थूक चटवाने का आरोप
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में किराना दुकान में चोरी के आरोप में पकड़े गए छह बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि दुकानदार ने बच्चों की पिटाई की और उनसे चप्पल पर थूककर चटवाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की है।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में चोरी के आरोप में पकड़े गए छह बच्चों के साथ कथित बर्बरता का मामला सामने आया है। मधुबन थाना क्षेत्र के भेलवा चौक पर एक किराना दुकानदार पर बच्चों की पिटाई करने और उन्हें चप्पल पर थूककर चटवाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि दुकानदार ने बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र पटेल नाम के दुकानदार की किराना दुकान में चोरी के आरोप में छह बच्चों को पकड़ा गया था। आरोप है कि इसके बाद दुकानदार ने उनके साथ मारपीट की। मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि बच्चों को चप्पल पर थूकने और फिर उसी थूक को चटवाने के लिए मजबूर किया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों के साथ किए गए व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पकड़े गए छह लोगों में कुछ नाबालिग भी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि दुकानदार ने बच्चों को पकड़ने के बाद पुलिस को आवेदन दिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में मधुबन थाना पुलिस ने केस नंबर 353/26 दर्ज किया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चार नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया, जबकि दो आरोपियों को मोतिहारी जेल भेज दिया गया। हालांकि, मामले में सभी आरोपों और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चोरी का आरोप लगने पर पुलिस को सूचना देना एक कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन किसी को खुद सजा देना या अपमानित करना गंभीर सवाल खड़े करता है। बच्चों के साथ कथित मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों की जांच जरूरी है।
फिलहाल, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने आने की जानकारी नहीं है। चोरी के आरोपों की सच्चाई और बच्चों के साथ हुए कथित व्यवहार की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। केवल वायरल वीडियो के आधार पर सभी दावों को अंतिम रूप से सही नहीं माना जा सकता।
