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खड़ेगोळवली में युवक पर चाकू से हमला, प्रसाद और कार्तिक हाटकर के खिलाफ कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज
कल्याण पूर्व के खड़ेगोळवली इलाके में दोस्त पर चाकू से हमला करने आए दो युवकों को रोकने की कोशिश करना एक युवक को भारी पड़ गया। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर के पास रोहित कांती वाघरी ने जब साहिल म्हात्रे पर हमला करने से आरोपियों को रोकने की कोशिश की, तो दोनों ने कथित तौर पर रोहित पर ही चाकू से वार कर दिए। हमले में रोहित के चेहरे और पीठ पर चोटें आईं। कोळसेवाडी पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
Sonali22 अक्टू. 2026, 03:35 PM IST

FIR के अनुसार, घटना 16 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:30 बजे खड़ेगोळवली स्थित विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर के पास हुई। शिकायतकर्ता रोहित कांती वाघरी की उम्र 23 वर्ष है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह घटनास्थल के पास मौजूद थे, तभी प्रसाद काशिनाथ हाटकर और कार्तिक संजय हाटकर कथित तौर पर साहिल म्हात्रे पर चाकू से हमला करने के लिए वहां पहुंचे। रोहित ने दोनों से साहिल को मारने की वजह पूछते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की। शिकायत के मुताबिक, इसी बात से नाराज होकर प्रसाद हाटकर ने रोहित के चेहरे के बाईं ओर चाकू से वार किया। इसके बाद कार्तिक हाटकर ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उनकी पीठ के दाईं ओर चाकू मारा। शिकायतकर्ता के अनुसार, हमले के कारण उन्हें चक्कर आया और वह मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल रोहित को इलाज के लिए रुक्मिणीबाई अस्पताल, कल्याण में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने पुलिस को अपना बयान दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 0667/2026 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 352, 351(3) और 3(5) के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1) और 135 के तहत दर्ज किया गया है। BNS की धारा 109(1) हत्या के प्रयास से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) साझा इरादे से किए गए अपराध से जुड़ी है। FIR में प्रसाद काशिनाथ हाटकर और कार्तिक संजय हाटकर के नाम आरोपी के रूप में दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना 16 अक्टूबर की रात हुई और FIR 17 अक्टूबर 2026 को रात 1:55 बजे दर्ज की गई। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जानी है। FIR में आरोप दर्ज होना अपराध साबित होना नहीं है; मामले में अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।