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पश्चिम बंगाल के मालदा में बीजेपी समर्थक की गोली मारकर हत्या, दो गुटों में झड़प; 6 घायल
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रामकेली इलाके में 35 वर्षीय बीजेपी समर्थक समीर घोष की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले धारदार हथियारों से हमला किया और फिर उन्हें दो गोलियां मारीं। घटना के बाद दो गुटों के बीच झड़प में कम से कम 6 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इलाके में भारी बल तैनात किया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक बीजेपी समर्थक की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय समीर घोष के रूप में हुई है। यह घटना बुधवार शाम इंग्लिश बाजार थाना क्षेत्र के रामकेली इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने समीर घोष पर पहले धारदार हथियारों से हमला किया और फिर उन्हें दो गोलियां मार दीं। हमले में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि समीर घोष की हत्या विरोधी राजनीतिक दल से जुड़े लोगों ने की है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी राजनीतिक दल की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
समीर घोष की हत्या के बाद इलाके में दो गुटों के बीच झड़प हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 6 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। झड़प के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह की दूसरी हिंसक घटना को रोका जा सके। पुलिस के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
समीर घोष की हत्या के मामले में पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे क्या कारण था, इसका पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों और संभावित सबूतों की जांच कर रही है। फिलहाल, इस घटना को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और दोषियों की पहचान करना है। हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
