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लखनऊ में शिवा शर्मा कांड की आरोपी श्रद्धा दुबे जेल भेजी गई, 11 दिन तक पुलिस को देती रही चकमा
लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा कांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को लंबी पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा ने 11 दिनों तक कानपुर, आगरा, रायबरेली और नेपाल में छिपने की बात कबूल की है। उसने बताया कि नेपाल पहुंचने में आमिर ने उसकी मदद की थी। पुलिस अब श्रद्धा और अन्य आरोपियों की मदद करने वालों की पहचान करने में जुटी है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा कांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को लंबी पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान उसने अपनी फरारी से जुड़े कई खुलासे किए, जबकि कुछ सवालों पर चुप्पी साधे रखी। पूछताछ के दौरान श्रद्धा बार-बार सांस लेने में तकलीफ होने की बात कहती रही और कई सवालों के जवाब टालती रही। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा दुबे ने करीब 11 दिनों तक पुलिस को चकमा दिया। इस दौरान वह कानपुर, आगरा और रायबरेली समेत कई जगहों पर गई। पूछताछ में उसने 18 अक्टूबर को कानपुर के एक होटल में कमरा लेने पहुंचने की बात भी कबूल की। हालांकि, होटल के कर्मचारियों ने पहचान पत्र मांगा तो वह बिना कमरा लिए वहां से निकल गई। उसे आशंका थी कि शिवा शर्मा कांड के बाद उसकी तस्वीरें सामने आने के कारण होटल कर्मचारी पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पहचान उजागर होने के डर से श्रद्धा ने बड़े होटलों के बजाय छोटे होटलों और लॉज में रुकना पसंद किया। वह ऐसे ठिकानों की तलाश में रहती थी, जहां उसकी पहचान सामने आने की आशंका कम हो। जानकारी के मुताबिक, वह कार से अलग-अलग जगहों पर जाती रही। इस दौरान उसने रायबरेली जाने की भी बात कबूल की, लेकिन वह अपने घर नहीं पहुंच सकी। पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने नेपाल जाने से जुड़ी जानकारी भी पुलिस को दी। उसके बयान के मुताबिक, आमिर लखनऊ से ही उसके साथ था और उसने नेपाल पहुंचने में मदद की। बताया जा रहा है कि श्रद्धा बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंची थी। उसके विदेश भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान श्रद्धा किन-किन लोगों के संपर्क में थी और उसे लगातार कौन मदद या दिशा-निर्देश दे रहा था। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके ठिकानों और यात्रा की व्यवस्था किसने की थी।
सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे ने ड्राइवर तनवीर उर्फ दानिश को अपने साथ रखा था। आशंका जताई जा रही है कि उसे डर था कि ड्राइवर उसके बारे में पुलिस को जानकारी दे सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस श्रद्धा और अन्य आरोपियों के संपर्कों की भी जांच कर रही है, ताकि फरारी के दौरान उनकी मदद करने वालों की भूमिका स्पष्ट हो सके। डीसीपी मध्य के मुताबिक, मामले में आरोपियों की मदद करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि श्रद्धा 11 दिनों तक किन लोगों के संपर्क में रही और उसे पुलिस से बचने में किस-किसने मदद की। फिलहाल, श्रद्धा को जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
