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मानपाड़ा में होटल व्यवसायी पर हमला, अजित शरद सिंह और 3 साथियों पर बंदूक दिखाकर धमकाने का आरोप
महाराष्ट्र के डोंबिवली में हफ्ता वसूली के विवाद में होटल व्यवसायी पंकज दुबे से मारपीट का आरोप है। शिकायत के अनुसार, अजित शरद सिंह और उसके तीन साथियों ने उन्हें बंदूक दिखाकर धमकाया और पीटा, जिससे उनकी पसलियों की दो हड्डियां टूट गईं। मानपाड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मानपाड़ा (डोंबिवली पूर्व):
मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में 18 अक्टूबर 2026 को FIR नंबर 0924/2026 दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 118(2), 140(4), 3(5), 351(2) और 352 लगाई गई हैं।
होटल बंद कर घर लौट रहे थे पीड़ित
FIR में दर्ज शिकायत के मुताबिक, शिकायतकर्ता पंकज प्रदीप दुबे होटल व्यवसायी हैं और कल्याण पूर्व के टाटा पावर हाउस इलाके में रहते हैं। 16 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे होटल बंद करने के बाद वह ऑटो रिक्शा से पांडुरंग वाड़ी, समतानगर पहुंचे। वहां से पैदल घर जाते समय उन्हें पीछे से आवाज सुनाई दी। मुड़कर देखने पर उन्होंने कथित तौर पर अजित शरद सिंह और उसके साथ मौजूद तीन अन्य लोगों को देखा, जिनके नाम उन्हें मालूम नहीं थे।
बंदूक दिखाकर धमकाने और हफ्ता मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, चारों लोग उन्हें उठाकर उस इमारत के पीछे ले गए, जहां अजित शरद सिंह रहता है। आरोप है कि वहां अजित ने कमर पर बंदूक लगाकर धमकाया और कहा कि उनके पास ज्यादा पैसा हो गया है तथा उनका भाई समय पर हफ्ता नहीं देता। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर चाकू निकालकर उसके उलटे हिस्से से पीड़ित की बाईं पसली पर जोर से वार किया। शिकायत में आगे कहा गया है कि आरोपी ने फाइटर पंच से बाईं पसली पर चार से पांच बार हमला किया। इसके बाद छाती पर बैठकर गला दबाया, जिससे पीड़ित बेहोश हो गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, लगभग 15 से 20 मिनट बाद उन्हें होश आया।
अस्पताल में इलाज, दो पसलियों में फ्रैक्चर
होश आने के बाद पीड़ित मानपाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां से उन्हें मेडिकल मेमो देकर शास्त्रीनगर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी बाईं पसली का एक्स-रे कराया गया। शिकायत के अनुसार, रिपोर्ट में बाईं ओर की दो पसलियों में फ्रैक्चर सामने आया।
पांच धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अजित शरद सिंह और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में BNS की धारा 118(2) चोट पहुंचाने के गंभीर अपराध से, धारा 140(4) अपहरण/व्यपहरण से संबंधित गंभीर अपराध से, धारा 3(5) साझा मंशा से किए गए अपराध से, धारा 351(2) आपराधिक धमकी से और धारा 352 जानबूझकर अपमान करने से संबंधित है। FIR के मुताबिक, मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक रविराज बालू माने को सौंपी गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
