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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए 3 यात्री पकड़े गए, ₹8.38 करोड़ का गांजा जब्त
कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम्स विभाग ने तीन यात्रियों से 23.96 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। तीनों यात्री बैंकॉक से आए थे। जब्त गांजे की कीमत करीब 8.38 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम्स विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन यात्रियों को पकड़ा है। अधिकारियों ने 22 अक्टूबर को बैंकॉक से आए इन यात्रियों के पास से कुल 23.96 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। जब्त गांजे की कीमत करीब 8.38 करोड़ रुपये आंकी गई है। कस्टम्स विभाग ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। कस्टम्स अधिकारियों के मुताबिक, तीनों यात्री अलग-अलग मामलों में गांजा लेकर बैंकॉक से बेंगलुरु पहुंचे थे। जांच के दौरान पहले यात्री के पास से 12.010 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 4.20 करोड़ रुपये बताई गई है। दूसरे यात्री के पास से 8.940 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत लगभग 3.13 करोड़ रुपये आंकी गई। वहीं, तीसरे यात्री के पास से 3.010 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.05 करोड़ रुपये है।
अधिकारियों के अनुसार, तीनों यात्रियों ने कस्टम्स की नजर से बचने के लिए गांजा छिपाकर रखा था। हालांकि, जांच के दौरान इसका पता चल गया और मादक पदार्थ जब्त कर लिए गए। मामले में तीनों यात्रियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इस कानून के तहत मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और उनसे जुड़े अपराधों पर कार्रवाई की जाती है। हाइड्रोपोनिक गांजा उस तकनीक से उगाया जाता है, जिसमें मिट्टी के बजाय पानी में घुले पोषक तत्वों की मदद से पौधों को विकसित किया जाता है। नियंत्रित वातावरण में पौधों को उगाने की इस तकनीक का इस्तेमाल कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में भी होता है। हाइड्रोपोनिक तरीके से उगाए गए गांजे की कीमत बाजार में अधिक हो सकती है। हालांकि, इस मामले में बरामद मादक पदार्थों की कीमत कस्टम्स विभाग के आकलन पर आधारित है। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कस्टम्स विभाग की निगरानी के महत्व को फिर से सामने रखा है। फिलहाल, मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
