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डोंबिवली के लॉज में 23 वर्षीय युवती की मौत, पूर्व प्रेमी सुमित खवळे पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
डोंबिवली पूर्व में एक लॉज के कमरे में 23 वर्षीय युवती मानसी लावकर की आत्महत्या के मामले में मानपाड़ा पुलिस ने सुमित चंद्रकांत खवळे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। युवती के पिता की शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था और तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

FIR के अनुसार, मानसी लावकर 8 अक्टूबर 2026 को रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला। इसके बाद 9 अक्टूबर को कांजूरमार्ग पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया है कि मानसी 8 अक्टूबर को शाम करीब 4:35 बजे डोंबिवली पूर्व के कल्याण शील रोड स्थित वर लॉज के कमरे नंबर 106 में ठहरने पहुंची थी। अगले दिन सुबह 11 बजे तक उसने चेक-आउट नहीं किया और कमरे से कोई जवाब नहीं मिलने पर लॉज कर्मचारियों तथा पुलिस ने दरवाजा खुलवाया। वहां मानसी फांसी के फंदे पर लटकी मिली। इस संबंध में मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
प्रेम संबंध और कथित धमकियों का जिक्र
पिता के बयान के मुताबिक, सुमित खवळे उनके परिवार के परिचित थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मानसी और सुमित के बीच पहले प्रेम संबंध थे। परिवार को सितंबर 2026 में इस संबंध की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मानसी ने सुमित से बातचीत बंद कर दी थी। शिकायत के अनुसार, मानसी ने अपनी बहन को बताया था कि सुमित बार-बार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उससे संपर्क करने की कोशिश करता था। आरोप है कि उसके पास मौजूद तस्वीरें या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
सुसाइड नोट में भी आरोपी का नाम होने का दावा
FIR में पिता ने बताया कि पुलिस ने उन्हें मानसी के कथित सुसाइड नोट की फोटोकॉपी दिखाई थी। शिकायत के अनुसार, नोट में पढ़ाई के तनाव के साथ सुमित खवळे को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने की बात लिखी थी। पिता ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मानसी के कॉलेज की प्रिंसिपल का उल्लेख करते हुए उनसे जुड़े मामले की भी जांच करने का अनुरोध किया है। मानपाड़ा पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत FIR दर्ज की। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक तुलसीराम मंचू राठौड़ को सौंपी गई है। फिलहाल, FIR में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।
