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अहमदाबाद में मलाला की किताब पढ़ने पर हंगामा, बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप l

अहमदाबाद के बोडकदेव इलाके में मलाला यूसुफजई की किताब ‘आई एम मलाला’ पढ़ने को लेकर विवाद बढ़ गया। सिटिजन ऑफ जस्टिस एंड पीस और कांग्रेस से जुड़े लोग किताब पढ़ने के लिए एकत्र हुए थे। आरोप है कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोग वहां पहुंचे और रीडिंग सेशन का विरोध करते हुए प्रतिभागियों के साथ मारपीट की। वस्त्रापुर पुलिस ने मामले में करीब 20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।

Kashish Rai01 सित. 2026, 05:11 PM IST
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अहमदाबाद में मलाला की किताब पढ़ने पर हंगामा, बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप l
अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब ‘आई एम मलाला’ पढ़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। बोडकदेव के एक सरकारी गार्डन में 27 अगस्त को सिटिजन ऑफ जस्टिस एंड पीस और कांग्रेस पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता किताब पढ़ने के लिए जुटे थे। यह कार्यक्रम उस विवाद के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसमें अहमदाबाद के एक स्कूल ने विरोध के बाद मलाला की किताब को अपने रीडिंग प्रोग्राम से हटा दिया था। आयोजकों के अनुसार, रीडिंग सेशन में लोग शांतिपूर्वक बैठकर मलाला यूसुफजई की आत्मकथा पढ़ रहे थे। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम में ऐनी फ्रैंक की किताब ‘द डायरी ऑफ ए यंग गर्ल’ समेत अन्य लेखकों की किताबें भी पढ़ी जा रही थीं। इस दौरान बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े होने का दावा करने वाला एक समूह वहां पहुंच गया और किताबों के चयन को लेकर विरोध करने लगा।

बजरंग दल नेता ज्वलित मेहता ने कहा कि मलाला यूसुफजई कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा मानती हैं, इसलिए उनकी किताब को पढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि मलाला को भारत विरोधी और देश विरोधी विचारों से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि नोबेल शांति पुरस्कार मिलने के बावजूद बजरंग दल मलाला की किताब को लोगों के बीच पढ़ने नहीं देगा। वहीं, रीडिंग सेशन के आयोजकों ने आरोप लगाया कि करीब 30 से 40 लोग भगवा स्कार्फ पहनकर मौके पर पहुंचे थे। उनके हाथों में लाठियां, लोहे की छड़ें और बेसबॉल बैट जैसे सामान होने का दावा किया गया है। आयोजकों का आरोप है कि समूह के लोगों ने पहले किताब पढ़ रहे लोगों को धमकाया और फिर उनके साथ बदसलूकी तथा मारपीट की। पुलिस ने बताया कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों का एक समूह किताब पढ़ने को लेकर विरोध करने वाले लोगों से घिर गया था।

सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध परमार ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले लोग बातचीत के लिए तैयार नहीं थे। उनके मुताबिक, मौके पर पहुंचते ही लोगों को धमकाया गया और रीडिंग सेशन बंद करने के लिए कहा गया। आयोजकों का कहना है कि विवाद के दौरान कुछ प्रतिभागियों को चोटें भी आईं। पुलिस ने कथित रूप से घायल लोगों का मेडिकल परीक्षण कराया है। दूसरी ओर, बजरंग दल से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि रीडिंग सेशन के आयोजकों ने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें आतंकवादी बताया था। उनका कहना है कि ऐसे पोस्ट के कारण माहौल तनावपूर्ण हुआ। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आपत्तिजनक बयान और उकसावे का आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच बहस और हाथापाई दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद वस्त्रापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और मारपीट से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, करीब 20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें से कुछ आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विवाद की शुरुआत अहमदाबाद के एक स्कूल के रीडिंग प्रोग्राम से हुई थी। कुछ अभिभावकों और दक्षिणपंथी संगठनों ने कक्षा 5 के विद्यार्थियों के लिए मलाला यूसुफजई की ‘आई एम मलाला’ और ऐनी फ्रैंक की किताब उपलब्ध कराए जाने पर आपत्ति जताई थी। विरोध के बाद स्कूल ने दोनों किताबों को अपनी अनिवार्य रीडिंग लिस्ट से हटा दिया था। इसी फैसले के विरोध में सामाजिक संगठनों ने सार्वजनिक स्थान पर किताब पढ़ने का कार्यक्रम आयोजित किया।

पुलिस अब घटनास्थल के वीडियो, आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि मौके पर कितने लोग मौजूद थे, मारपीट की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई और क्या हथियारनुमा सामान लाने के आरोप सही हैं। पुलिस के मुताबिक, बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है। फिलहाल यह मामला किताब पढ़ने की स्वतंत्रता, वैचारिक असहमति और सार्वजनिक कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर चर्चा में है। पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोप दर्ज कर लिए हैं और आगे की कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।