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डोंबिवली: गर्भवती महिला का रहस्यमयी गर्भपात, ससुराल वालों पर गंभीर आरोप, FIR दर्ज l
डोंबिवली की एक 29 वर्षीय महिला ने अपने पति, ससुर, सास, बड़े देवर और बड़ी ननद पर मानसिक उत्पीड़न, मारपीट, गर्भपात और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए खडकपाडा पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई है। महिला की शिकायत के अनुसार, शादी के बाद शुरुआत से ही ससुराल के लोगों द्वारा उसे रंग-रूप पर टोमने मारना, काम से परेशान करना, और मानसिक उत्पीड़न दिया जाता था। गर्भवती होने के बावजूद उसे उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिली और अंततः उसका गर्भपात हो गया। महिला ने अपने पति पर लापरवाह व्यवहार, मारपीट, और चरित्र पर संदेह करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 85, 115(2), 352, 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता महिला की जानकारी
शिकायतकर्ता महिला का नाम सौ. रजनी सुशांत शिंदे (उम्र-29 वर्ष, व्यवसाय-निजी नौकरी) है और वह वर्तमान में साई क्लोरा डैफोडिल हा.सो. फ्लैट नं 505, पांचवी मंजिल, याविनगर रोड, मोहने, ता.कल्याण, जि.ठाणे यहां रह रही है। उसने दिनांक 24/08/2026 को खडकपाडा पुलिस थाने में हाजिर होकर शिकायत दर्ज कराई है।
शादी की जानकारी
शिकायतकर्ता महिला ने सुशांत संभाजी शिंदे (मूलगांव नांिलापुर, ता. कराड, जि. सातारा, नि. चंद्रभागा, पंचरत्न को. ऑ. हौ. सोसा. फ्लैट नं 224, लालुभाई कंपा., देवनार कॉलोनी, मानखुर्द मुंबई - 400043, वर्तमान नि. फ्लैट नं 206, जे विंग, दूसरी मंजिल लोढा पार्कसिडनिया, डोंबिवली पूर्व) के साथ दिनांक 08/06/2026 को हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार नांिलापुर, ता. कराड, जि. सातारा स्थित सिनामैरिटन होटल, कोपडे वेल्ही, ता. कराड, जि. सातारा यहां शादी की थी। शादी का सारा खर्च दोनों पक्षों ने स्वयं किया था।शादी में शिकायतकर्ता महिला के पिता ने उसे साढ़े पांच तोले सोने के गहने दिए थे। घरेलू सामान में वॉशिंग मशीन, फ्रिज, अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, और फर्नीचर के लिए नकद राशि रु. 80,000/- दिए थे। शादी के बाद वह अपने ससुराल के घर चंद्रभागा, पंचरत्न को. ऑ. हौ. सोसा. फ्लैट नं 224, लालुभाई कंपा., देवनार कॉलोनी, मानखुर्द मुंबई - 400043 यहां आई।
ससुराल के लोगों की जानकारी
उसके ससुराल के घर उसके साथ उसके पति - सुशांत संभाजी शिंदे, ससुर - संभाजी महादेव शिंदे, सास - पुष्पलता संभाजी शिंदे, बड़े देवर - प्रशांत संभाजी शिंदे, बड़ी ननद - मीनल प्रशांत शिंदे, ये रहते थे।
उत्पीड़न की शुरुआत
शादी के बाद 15 दिनों बाद शिकायतकर्ता महिला की छुट्टी खत्म होने के बाद वह नौकरी पर फिर से जाने लगी। वह मानखुर्द मुंबई से बिलापुर तक सुबह 08:00 से शाम 08:00 बजे तक यात्रा करके नौकरी करती थी। इससे उसे काम से घर आने में देर होती थी। इस कारण से ससुराल के घर विवाद शुरू हुए। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, वह सुबह जल्दी काम पर जाती थी इसलिए उसे जितना हो सके उतना काम करके वह काम पर जाती थी। लेकिन वह काम पर जाने के बाद बचे हुए काम करने को लेकर उसकी सास उसे घालनू पाडून बोलने लगी, टोमने मारने लगी। और उसके पति से काम के बारे में कहने लगी। इससे वह मां की बात मानकर उससे विवाद करने लगा, और इससे उनके बीच झगड़े होने लगे।
रंग-रूप पर टोमने और मानसिक उत्पीड़न
कुछ दिनों बाद शिकायतकर्ता महिला की सास उसके दिखने पर, रंग-रूप पर 'तेरी माथ बड़ी है, तेरा चेहरा गोरा है। बाकी शरीर काला है। तेरे अंडरआर्म्स भी काले हैं।' ऐसा निजी बातों के बारे में भी सबके सामने बोलकर उसे ताने मारती थी। 'तुझसे तू मोटी है।' ऐसा बोलने लगी। ऐसा बोलने पर उसने अपने पति से कहा कि ऐसा बोलना उसे पसंद नहीं है। तो वह अपने परिवार की तरफदारी करते हुए 'तू उसकी तरफदारी कर रही है।' ऐसा कहता था। इससे इन बातों को लेकर उनके बीच झगड़े होने लगे।
गर्भपात का मामला
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, वह शादी करके ससुराल के घर रह रही थी तो कुछ महीनों में उसकी पीरियड मिस हो गई थी। कुछ दिनों बाद ससुराल के घर पूजा के कार्यक्रम थे इसलिए उसके पति ने उसे पपीता खाने को कहा। और इससे उसका गर्भपात हो गया। इस कारण से उसके पति और सास ने उसके और उसके पिता को दोष देना शुरू कर दिया। और इससे उनके बीच बार-बार विवाद होने लगे और वह हमेशा 'तू अपने मां-बाप के घर चली जा' ऐसा कहता था।
पति की आदतें और बुरा व्यवहार
शिकायतकर्ता महिला ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि उसके पति को हमेशा दोस्तों के साथ नाइट आउट जाने की आदत थी। और इससे उसने उसे बोला तो वह उसे ''तुझे पसंद नहीं है तो तू अपने मां-बाप के घर चली जा'' ऐसा कहता था। उसकी इन आदतों के बारे में उसने सास ससुर, बड़े देवर से कहा तो वे अपने बेटे की तरफदारी करते हुए उसे ही दोष देते रहे। नवंबर 2025 में घर के काम को लेकर सास और उसके बीच विवाद हुआ था। उस समय उसकी सास मानखुर्द यहां रहने जाने के बारे में बोलने लगी तो सुशांत ने उसे कहा कि तू क्यों जाती है! दहिला ले जाकर मां-बाप के घर छोड़ देता हूं और ऐसा बोलकर रात डेढ़ बजे के आसपास उसके पति ने उसे घर से बाहर निकालकर उसके मां-बाप के घर मोहने यहां लाकर उसके पिता के घर से दूर छोड़ दिया था।
समुपदेशन और फिर ससुराल लौटना
उस समय से कुछ महीने वह अपने मां-बाप के घर ही रह रही थी। उसके ससुराल के लोगों ने उसे लेने नहीं आए। और उसने उन्हें फोन किया तो उन्होंने धमकी दी ऐसा बताया। दोनों परिवार के बीच के मध्यस्थ धमकींगला हाजिर थे। मध्यस्थों ने दोनों परिवारों को समझाया। लेकिन धमकींगमें उनके घर में होने वाले विवाद, उसके पति की आदतों के बारे में चर्चा न करके सारी बातों में उसके ही गलतियां दिखाई गईं। धमकींग होने से और सबने समझाने से उसे लगा कि उसके ससुराल के लोगों के व्यवहार में फर्क पड़ेगा और उसे उनके साथ रहना है इसलिए उसने सबकी माफी मांगकर ससुराल के घर रहने चली गई।
ससुराल के घर फिर से उत्पीड़न
लेकिन उसके ससुराल के घर का माहौल वैसा ही बिगड़ा हुआ था। उनके उसे काम से कपड़ों से बोलकर मानसिक त्रास देना चालू ही था। वह ससुराल के घर रह रही थी तो दिवाली के आसपास दिवाली का फराल बनाने के लिए उसे छुट्टी लेनी चाहिए इसके लिए उसके बड़े देवर प्रशांत और ननद मीनल ने झगड़ा भी किया। उसे छुट्टी न मिलने से और वह उन्हें मना न कर सकी इसलिए उसकी सास ने उसके पास से उनके और देवर के ऐसे दोनों घरों का राशन भी भरवा लिया था।
ऐसे छोटे-मोटे कारणों से उसकी ननद और देवर अलग रहते हुए भी उसके घर में हस्तक्षेप करते थे और उसकी सास, ससुर और पति को उसके खिलाफ कुछ-न-कुछ कहकर उन्हें उसके खिलाफ भड़काते थे। और इसी से उन्होंने कुछ बार उस पर हाथ उठाया और उसे गाली-गलौज भी की थी।
होली के समय मारपीट
होली के समय उसे पता चला कि उसके पति को शराब पीने की भी आदत है। कुछ बार उसके पति ने उसे कहा कि, उसे दोस्तों को शराब लाना है घर तो तू अपने मां-बाप के घर जा। लेकिन सर गोष्टी को उसने मना किया इससे उनके बीच विवाद हुआ और सुशांत ने उसे हाथ की चपत से मारपीट की थी।
शादी कराने वाले मध्यस्थ पर धोखाधड़ी का आरोप
शादी के बाद उसे दिखा कि शादी कराने वाले मध्यस्थ दादा कणसे नि. घाटकोपर मो. नं. - 8425939008 ने उन्हें सुषांत शिंदे और उसके परिवार की गलत जानकारी दी है। उनके स्वभाव और रहन-सहन की सच्ची जानकारी उन्हें नहीं दी गई। ऐसे समय में उनके घर में विवाद होते थे। उस समय दादा कणसे ने हर बार सुषांत और उसके परिवार की ही तरफदारी की और कोई भी धमकींगला हाजिर नहीं हुए। और उनकी धोखाधड़ी की है।
गर्भवती होना और गर्भपात
दिनांक 23 अप्रैल को उसे पता चला कि, वह गर्भवती हो गई थी। यह बात हम अपने घर में बताएं ऐसा बोलने पर सुशांत उसे कहने लगा कि, जब तक पेट नहीं दिखता तब तक हम यह बात किसी को नहीं बताएंगे। क्योंकि गर्भवती होने का कारण देकर तू घर का काम नहीं करेगी और सारा काम मेरी हाथों वाली मां को ही करना पड़ेगा। उसके बाद उसे तकलीफ होने लगी इसलिए उसने अपने पति को अस्पताल जाने के बारे में कहा तो वह उसे अस्पताल ले गया और अस्पताल में सोनोग्राफी का खर्च उसने उसके पास से मांग लिया। उसके बाद वह उसके साथ कभी भी अस्पताल नहीं आया। और पैसे भी नहीं दिए।
बहन के पास जाना और ससुराल वालों ने घर में नहीं लिया
दिनांक 7 जून को वे डोंबिवली यहां रह रहे थे तो उसने अपने पति से बाहर खाने के लिए जाने को कहा तो उसने उसे 'तू अपने मां-बाप के घर छोड़कर कहीं भी जा मैं तेरे साथ नहीं आऊंगा।' ऐसा साफ कहा। उसे भूख लगी थी इसलिए उसने अपनी बहन को फोन करके हुआ हाल बताया क्योंकि वह गर्भवती थी यह उसकी बहन को पता था। इसलिए उस समय उसकी बहन और उसके पति उसे डोंबिवली, मानपाडा यहां अपनी गाड़ी से लेने आए। और वह उनके साथ तळोजा चली गई। उसी दिन रात 11.00 बजे के आसपास उसे अपने पति का फोन आया और उसने उसे बहन के पास ही रहने को कहा इसलिए वह अपनी बहन के पास सो गई। और सुबह डोंबिवली यहां घर वापस गई तो उसकी सास ससुर ने उसे घर में नहीं लिया 'तू अपना सामान लेकर चली जा' ऐसा कहा। और तेरे मां-बाप को हमारे घर में नहीं लाना है।
सर मामले में मामा शंकर मोरे से कहना
सर मामले में उसने सुशांत के मामा शंकर मोरे से हुआ हाल बताया तो उन्होंने भी कोई सही मार्गदर्शन नहीं किया इसलिए वह डोंबिवली, मानपाडा पुलिस स्टेशन पर प. फ.नं.सं. 2985/2026 बी.फ.सं. धारा 352 के अनुसार दि. 08/06/2026 को दाखिल की है। मानपाडा पुलिस स्टेशन के पुलिस ने उसे महिला शिकायत निवारण कक्ष कल्याण यहां जाकर शिकायत दर्ज करानी को कहा इसलिए वह महिला शिकायत निवारण कक्ष कल्याण यहां दि. 08/06/2026 को ससुराल के लोगों से होने वाले उत्पीड़न के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी।
गर्भपात और चिकित्सा उपचार
इस सब गड़बड़ी और मानसिक उत्पीड़न से उसे दि. 13/06/2026 को ब्लिडिंग होकर उसका गर्भपात हो गया। इलाज के लिए उसे गणपति हॉस्पिटल मोहने यहां के डॉक्टर ने दि. 11/07/2026 को पिशवी साफ करने को कहा। सर मामले में उसके पति से सहयोग के लिए बुलाया तो उसका पति बोला, ''तू गंदगी करेगी और हम साफ करने के पैसे देंगे क्या!'' मैं नहीं आऊंगा ऐसा बोलकर उसके चरित्र पर संदेह करके इलाज के पैसे न देकर, अस्पताल न आकर ऐसा बोलकर उसका मानसिक उत्पीड़न किया।
उस दौरान उसकी चार बार सोनोग्राफी करानी पड़ी उसका सारा खर्च 21,000/- रु. उसने ही किया। उसे लगातार दो महीने शारीरिक और मानसिक तकलीफ हो रही थी। उसने महिला शिकायत निवारण कक्ष को दी गई शिकायत की जांच के लिए दि. 17/06/2026 को उसे और उसके पति को बुलाया। और उनका समुपदेशन किया। लेकिन उनके बीच समुपदेशन नहीं हुआ।
मंगलसूत्र निकाल लेना और कपड़े फेंक देना
उसके सारे कपड़े उसके ससुराल के घर थे इसलिए उसने महिला शिकायत निवारण कक्ष के पुलिस से पूछकर उसके कपड़े लेने के लिए उसके डोंबिवली यहां के घर गई तो उसके पति ने उसके पास से मंगलसूत्र निकाल लिया। और उसके कपड़े उसके अंग पर फेंक दिए।
समुपदेशन के दिन पति ने मना करना
उसके बाद दि. 24/06/2026 को उन्हें समुपदेशन के लिए बुलाया था उस दिन उसके पति ने पुलिस के सामने उसे दहिला नहीं रहना है ऐसा कहने से उसकी सरची शिकायत आगे की कार्रवाई के लिए खडकपाडा पुलिस थाने में भेजी गई है।
आरोपियों की जानकारी
शिकायतकर्ता महिला ने निम्न लोगों पर आरोप लगाए हैं:
पति - सुशांत संभाजी शिंदे, उम्र - 33 वर्ष
ससुर - संभाजी महादेव शिंदे, उम्र - 65 वर्ष
सास - पुष्पलता संभाजी शिंदे उम्र- 58 वर्ष
बड़ा देवर - प्रशांत संभाजी शिंदे उम्र- 40 वर्ष
बड़ी ननद - मीनल प्रशांत शिंदे उम्र- 35
पुलिस की कार्रवाई
खडकपाडा पुलिस थाने में केस नं 440/2026 आईपीसी धारा 85, 115(2), 352, 351(2), 3(5) के अनुसार दिनांक 24/08/2026 को केस दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी के रूप में पुलिस हवलदार महेंद्र निंबा गिरसे (क्र. PNMH48255) को जांच के अधिकार दिए गए हैं। थाना प्रभारी अधिकारी के रूप में इंस्पेक्टर राजेंद्र गहिनाथ खेडकर ने साइन किया है।
