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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर मनेगा 'वाचन प्रेरणा दिवस', राज्य सरकार ने जारी किए विशेष दिशा-निर्देश

मुंबई (विशेष संवाददाता): पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में 15 अक्टूबर को मनाए जाने वाले 'वाचन प्रेरणा दिवस' को लेकर महाराष्ट्र शासन के मराठी भाषा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन परिपत्र के अनुसार, विद्यार्थियों और युवाओं में पठन संस्कृति (रीडिंग कल्चर) को बढ़ावा देने तथा मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए राज्यभर के सभी शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक उपक्रमों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

Vinod Tiwari10 सित. 2026, 09:12 PM IST
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर मनेगा 'वाचन प्रेरणा दिवस', राज्य सरकार ने जारी किए विशेष दिशा-निर्देश

महात्मा जोतीराव फुले के साहित्य पर विशेष जोर

इस वर्ष के आयोजनों में समाजसुधारक व लेखक क्रांतिसूर्य महात्मा जोतीराव फुले के साहित्यिक व वैचारिक योगदान को रेखांकित करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके प्रसिद्ध ग्रंथ 'गुलामगिरी', 'शेतकऱ्यांचा असूड', नाटक 'तृतीयरत्न' और 'छत्रपति शिवाजी महाराज पोवाड़ा' पर केंद्रित वाचन, परिसंवाद और पुस्तक प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।

रोजगारोन्मुख और आधुनिक विषयों का समावेश

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम केवल पारंपरिक साहित्य तक सीमित न रहें। इसमें आधुनिक विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, ई-बुक निर्माण, अनुवाद, पटकथा व व्यावसायिक लेखन जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को आकर्षित किया जा सके। साथ ही विकिपीडिया पर मराठी में लेखन बढ़ाने हेतु कार्यशालाएं तथा सोशल मीडिया पर 'मराठी वाचन कट्टा' स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां

परिपत्र में सभी जिलाधिकारियों और विभागीय आयुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय प्रमुख साहित्य परिषदों और संस्थाओं के समन्वय से इन कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही शासकीय कामकाज में मराठी के शत-प्रतिशत उपयोग और त्रिभाषा सूत्र के पालन के निर्देश भी दोहराए गए हैं। इस अवसर पर नागरिकों से अपने परिजनों व मित्रों को कम से कम एक पुस्तक उपहार में देने का भी आह्वान किया गया है।