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गोरेगाव में महिला पर गिरा सूखा पेड़, पीड़ित परिवार ने लगाया BMC पर लापरवाही का आरोप
मुंबई के गोरेगाव पश्चिम में हनुमान नगर इलाके में बुधवार दोपहर करीब एक बजे छह महीने की एक गर्भवती महिला पर अचानक एक सूखा पेड़ गिर गया। इस हादसे में 26 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत कूपर अस्पताल के सर्जिकल आईसीयू (SICU) में भर्ती कराया गया है।

मुंबई में मानसून के दौरान पेड़ गिरने की लगातार हो रही घटनाओं के बीच इस हादसे ने नगर निगम प्रशासन यानी बीएमसी (BMC) की लापरवाही की गंभीर पोल खोल दी है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन ने सूखे पेड़ को आधा काटकर लापरवाही से छोड़ दिया था, जिसके कारण एक मासूम अजन्मे बच्चे और महिला की जान आफत में पड़ गई और इसने स्थानीय निवासियों में भारी रोष पैदा कर दिया है।
हादसे का शिकार हुई महिला की पहचान मनाली शेलार के रूप में हुई है। वह अपने गर्भ की नियमित जांच और रजिस्ट्रेशन के लिए गोरेगाव के एक नगर निगम प्रसूति गृह में अपनी बड़ी बहन और भांजे के साथ गई थीं। अस्पताल से लौटने के बाद जब उनकी बहन बाइक पार्क कर रही थीं और मनाली पास में ही खड़ी थीं, तभी अचानक एक भारी सूखा पेड़ भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही मनाली बेहोश हो गईं और मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए उन्हें तुरंत कूपर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा की गई सोनोग्राफी और शुरुआती जांच के मुताबिक, महिला के गर्भ में पल रहा शिशु सुरक्षित है, लेकिन मनाली के सिर, कंधे, पीठ और कमर में गहरी चोटें आई हैं।
पीड़ित महिला की मां संध्या लोलगे ने अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि पेड़ पहले से पूरी तरह सूखा था और बीएमसी के कर्मचारियों द्वारा उसे आधा काटकर वैसे ही छोड़ दिया गया था, यदि पेड़ को पूरी तरह हटाया गया होता तो यह हादसा कभी नहीं होता। मनाली के पति अक्षय शेलार ने बताया कि चोटें इतनी गंभीर हैं कि वह ठीक से सो भी नहीं पा रही हैं और उन्हें हर काम के लिए व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर, मामले के तूल पकड़ने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि पालिके ने इस मामले की गहन चौकसी और जांच के आदेश जारी कर दिए हैं कि सूखे पेड़ को आधा कटा क्यों छोड़ा गया था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
