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रजोनिवृत्ति (Menopause) पर तमिलनाडु की बड़ी पहल, महिलाओं के लिए बनेगी अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति।
तमिलनाडु सरकार रजोनिवृत्ति (Menopause) से गुजर रही महिलाओं के लिए अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी और विशेषज्ञों से सलाह लेकर ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य का दायरा प्रजनन स्वास्थ्य से आगे बढ़ाकर मध्यम आयु और रजोनिवृत्ति से जुड़ी समस्याओं तक विस्तारित किया जा सके।
Kalpana Gautam19 जुल. 2026, 06:32 PM IST

चेन्नई: सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने बताया कि सरकार रजोनिवृत्ति (Menopause) से गुजर रही महिलाओं के लिए एक समर्पित सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति (Public Health Policy) तैयार करेगी। इस पहल का उद्देश्य मध्यम आयु की महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी उन समस्याओं को प्राथमिकता देना है, जो अब तक स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित ध्यान नहीं पा सकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नई नीति तैयार करने के लिए सरकार इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी के विशेषज्ञों से परामर्श करेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री से भी इस विषय पर चर्चा कर व्यापक रणनीति बनाई जाएगी, ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य को केवल गर्भावस्था और प्रजनन स्वास्थ्य तक सीमित न रखा जाए, बल्कि रजोनिवृत्ति के बाद होने वाली शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण हॉट फ्लैश, नींद की समस्या, मानसिक तनाव, हड्डियों की कमजोरी, हृदय रोगों का बढ़ता जोखिम और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखने को मिलती हैं। इसके बावजूद इस आयु वर्ग की महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता कार्यक्रम अभी भी सीमित हैं।
यदि यह नीति लागू होती है, तो तमिलनाडु देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है जो महिलाओं के जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण के लिए अलग स्वास्थ्य नीति तैयार कर रहे हैं। इससे लाखों महिलाओं को समय पर परामर्श, जांच, उपचार और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है और अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।
