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मेकअप से स्किन तक, क्या आपके ब्यूटी प्रोडक्ट सुरक्षित हैं? FDA की जांच में उठे सवाल
ब्यूटी और स्किन केयर प्रोडक्ट्स का बढ़ता इस्तेमाल अब स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन गया है। बाजार में बिक रहे नकली कॉस्मेटिक्स, बिना लाइसेंस वाले उत्पाद और गलत लेबलिंग वाले प्रोडक्ट्स को लेकर महाराष्ट्र FDA ने निगरानी बढ़ा दी है। चेहरे, त्वचा और बालों पर सीधे इस्तेमाल होने वाले इन उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि खराब या नकली कॉस्मेटिक्स से स्किन एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

महाराष्ट्र FDA समय-समय पर कॉस्मेटिक दुकानों, गोदामों और निर्माण इकाइयों पर जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करता है। जांच के दौरान कई मामलों में ऐसे प्रोडक्ट्स पाए गए हैं जिनमें जरूरी जानकारी जैसे बैच नंबर, निर्माता का विवरण, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट मौजूद नहीं थी। ऐसे उत्पादों को उपभोक्ता सुरक्षा के लिए जोखिम माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नकली कॉस्मेटिक्स में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती। इनमें ऐसे केमिकल हो सकते हैं जो त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इन उत्पादों के इस्तेमाल से त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, जलन, सूजन, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।
फेयरनेस क्रीम, हेयर कलर, स्किन लाइटनिंग क्रीम, एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स और लंबे समय तक त्वचा पर लगाए जाने वाले मेकअप उत्पादों को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नए कॉस्मेटिक को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए और त्वचा पर किसी तरह की प्रतिक्रिया होने पर तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। कॉस्मेटिक्स की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश में Cosmetics Rules, 2020 लागू हैं। इन नियमों के तहत कॉस्मेटिक उत्पादों के निर्माण, आयात और बिक्री के लिए मानक तय किए गए हैं। किसी भी प्रोडक्ट पर निर्माता का नाम, पता, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि तथा सामग्री की जानकारी देना अनिवार्य है।
ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के साथ नकली कॉस्मेटिक्स की चुनौती भी बढ़ी है। कई बार कम कीमत के लालच में ग्राहक ऐसे उत्पाद खरीद लेते हैं जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि ग्राहक केवल भरोसेमंद दुकानों या अधिकृत विक्रेताओं से ही कॉस्मेटिक खरीदें और बिना लेबल या संदिग्ध पैकेजिंग वाले उत्पादों से बचें। FDA की कार्रवाई के बावजूद बाजार में नकली कॉस्मेटिक्स की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बढ़ते ब्यूटी मार्केट के बीच नियामक एजेंसियों के सामने ऑनलाइन बिक्री, अवैध आयात और गलत विज्ञापनों पर नियंत्रण रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
