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पहले जैसा खाना, फिर भी बढ़ रहा पेट? 35 के बाद शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

35 साल की उम्र के बाद कई लोगों को एक आम लेकिन परेशान करने वाला बदलाव महसूस होता है—पेट के आसपास फैट बढ़ना। कई लोग शिकायत करते हैं कि पहले जैसी डाइट लेने और एक्सरसाइज करने के बावजूद अब वजन कम करना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर कमर और पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी आसानी से कम नहीं होती।

Vindhya Dubey30 जुल. 2026, 07:18 PM IST
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पहले जैसा खाना, फिर भी बढ़ रहा पेट? 35 के बाद शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

विशेषज्ञों के अनुसार 35 के बाद बढ़ने वाला पेट का फैट केवल ज्यादा खाने या कम शारीरिक गतिविधि का नतीजा नहीं होता। उम्र के साथ शरीर में होने वाले जैविक बदलाव, हार्मोन में उतार-चढ़ाव, मांसपेशियों में कमी, तनाव, नींद की कमी और जीवनशैली में बदलाव भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।

उम्र बढ़ने के साथ धीमा होने लगता है मेटाबॉलिज्म

युवा अवस्था में शरीर अधिक तेजी से कैलोरी खर्च करता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का मास कम होने लगता है। मांसपेशियां शरीर में ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब मांसपेशियां कम होती हैं तो शरीर की बेसल मेटाबॉलिक रेट यानी आराम की स्थिति में खर्च होने वाली कैलोरी कम हो सकती है। ऐसे में वही मात्रा में भोजन लेने पर भी शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को फैट के रूप में जमा करने लगता है। अक्सर यह अतिरिक्त फैट पेट और कमर के आसपास जमा होता है।

महिलाओं में 35 के बाद हार्मोनल बदलाव का असर

महिलाओं के शरीर में 35 से 50 वर्ष के बीच कई हार्मोनल बदलाव शुरू हो सकते हैं। कई महिलाओं में पेरिमेनोपॉज यानी मेनोपॉज से पहले का समय इसी दौरान शुरू होता है। इस दौरान एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन में बदलाव होने लगते हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने का तरीका बदल सकता है। पहले जहां फैट हिप्स और जांघों के आसपास अधिक जमा होता था, वहीं उम्र बढ़ने के साथ पेट के आसपास फैट बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा:

  • इंसुलिन संवेदनशीलता में बदलाव
  • नींद की समस्या
  • मूड में बदलाव
  • तनाव का बढ़ना

भी वजन बढ़ने में योगदान दे सकते हैं।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की भूमिका

पुरुषों में भी 35 के बाद शरीर में बदलाव शुरू होते हैं। उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम हो सकता है। टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियों को बनाए रखने और फैट के वितरण में भूमिका निभाता है। इसका स्तर कम होने पर:

  • मांसपेशियों में कमी
  • ऊर्जा स्तर में गिरावट
  • पेट के आसपास फैट जमा होना

जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।

तनाव और कोर्टिसोल: पेट की चर्बी का छिपा कारण

आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में लगातार तनाव एक बड़ी समस्या बन चुका है। जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है तो शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। लंबे समय तक कोर्टिसोल बढ़ा रहने से:

  • भूख बढ़ सकती है
  • मीठे और ज्यादा कैलोरी वाले भोजन की इच्छा बढ़ सकती है
  • पेट के आसपास फैट जमा होने की संभावना बढ़ सकती है

इसलिए वजन नियंत्रण में मानसिक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नींद की कमी से भी बढ़ सकता है वजन

35 के बाद कई लोगों की नींद की गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है। काम का तनाव, स्क्रीन टाइम और अनियमित दिनचर्या इसका कारण हो सकते हैं। कम नींद लेने से भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन जैसे घ्रेलिन और लेप्टिन प्रभावित हो सकते हैं। इसके कारण:

  • ज्यादा खाने की इच्छा
  • रात में स्नैकिंग
  • मीठे भोजन की क्रेविंग

बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद वजन प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी है।

पेट की चर्बी कितनी खतरनाक हो सकती है?

हर प्रकार का फैट समान नहीं होता। त्वचा के नीचे जमा फैट के अलावा शरीर के अंदर अंगों के आसपास जमा होने वाली चर्बी को विसरल फैट कहा जाता है। यह फैट स्वास्थ्य के लिए ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है क्योंकि यह शरीर में सूजन और मेटाबॉलिक समस्याओं को बढ़ा सकता है। अधिक पेट की चर्बी इन बीमारियों के खतरे से जुड़ी हो सकती है:

  • टाइप-2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट डिजीज
  • फैटी लिवर
  • कोलेस्ट्रॉल की समस्या
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस

35 के बाद पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या करें?

1. सिर्फ कार्डियो नहीं, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों को बनाए रखना बेहद जरूरी है। वेट ट्रेनिंग, रेजिस्टेंस एक्सरसाइज और बॉडी वेट एक्सरसाइज मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं।

2. प्रोटीन युक्त आहार लें

प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है। आहार में शामिल किए जा सकते हैं दालें, अंडे, पनीर, मछली, चिकन, सोया उत्पाद, दही

3. चीनी और प्रोसेस्ड फूड कम करें

मीठे पेय, पैकेज्ड स्नैक्स और ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट पेट की चर्बी बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं।

4. रोजाना सक्रिय रहें

हर दिन चलना, सीढ़ियों का उपयोग करना और लंबे समय तक बैठने से बचना वजन नियंत्रण में मदद कर सकता है।

5. हार्मोन और स्वास्थ्य की जांच कराएं

यदि अचानक वजन बढ़ रहा है, अत्यधिक थकान महसूस हो रही है या पेट की चर्बी तेजी से बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में थायरॉइड, हार्मोनल असंतुलन या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं।

क्या पेट की एक्सरसाइज से सिर्फ पेट की चर्बी कम होगी?

यह एक आम गलतफहमी है कि केवल पेट की एक्सरसाइज करने से पेट का फैट कम हो जाएगा। क्रंचेस या एब्स एक्सरसाइज पेट की मांसपेशियों को मजबूत कर सकती हैं, लेकिन फैट कम करने के लिए पूरे शरीर में कैलोरी बैलेंस सुधारना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव नियंत्रण मिलकर ही प्रभावी परिणाम देते हैं।


35 के बाद पेट की चर्बी बढ़ना शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलावों का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह शरीर के अंदर चल रहे बदलावों का संकेत भी हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ सही पोषण, नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर पेट की चर्बी को नियंत्रित किया जा सकता है और लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है।