general

IIT बॉम्बे छात्र मौत: प्रोफेसर के निलंबन पर फैकल्टी फोरम का बड़ा स्पष्टीकरण

IIT बॉम्बे में छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने अपने पुराने बयान पर माफी मांगी है। वहीं फैकल्टी फोरम ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को संस्थान से निलंबित नहीं किया गया, बल्कि उन्हें डीन पद की जिम्मेदारियों से अस्थायी रूप से हटाया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है और छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी जारी है।

Kashish Rai25 सित. 2026, 05:28 PM IST
खबर शेयर करें:
IIT बॉम्बे छात्र मौत: प्रोफेसर के निलंबन पर फैकल्टी फोरम का बड़ा स्पष्टीकरण

मुंबई के IIT बॉम्बे में छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। संस्थान ने घटना के बाद दिए गए अपने पुराने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। IIT बॉम्बे ने माना कि पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना के कारणों और परिस्थितियों पर टिप्पणी करना गलत और गैर-जिम्मेदाराना था। इसी बीच IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। फोरम के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार एस. पंत ने कहा कि प्रो. दुल्ला को IIT बॉम्बे की सेवा से निलंबित नहीं किया गया है। वह अभी भी संस्थान के फैकल्टी सदस्य हैं। स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल डीन (एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स) की जिम्मेदारियों से अस्थायी रूप से मुक्त किया गया है।


मामले को लेकर कैंपस के बाहर छात्र संगठनों का विरोध जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि केवल माफी मांगने से मामला खत्म नहीं होना चाहिए और घटना की पूरी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साहिल वाकोडे एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech के दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर 2026 को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT के इस्तेमाल को लेकर उन्हें पकड़े जाने की बात सामने आई थी। इसके कुछ घंटे बाद वह हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए। साहिल के परिवार और प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थागत दबाव और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। फिलहाल पुलिस जांच के साथ-साथ IIT बॉम्बे के शुरुआती बयान और प्रोफेसर से जुड़ी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।