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राज ठाकरे पर रील से विवाद, MNS कार्यकर्ताओं ने इन्फ्लुएंसर से मंगवाई माफी
पुणे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर अपमानित करने का आरोप लगा है। MNS नेताओं का कहना है कि महेश मोटे ने पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां वाली रील बनाई थी। इसके बाद कार्यकर्ता उन्हें हडपसर क्षेत्र स्थित पार्टी कार्यालय ले गए। सामने आए वीडियो में उनके चेहरे पर काली स्याही लगी और उन्हें राज ठाकरे की तस्वीर के सामने माफी मांगते हुए देखा गया। मामले में फिलहाल पुलिस शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है।

पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि महेश मोटे ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई अपनी कुछ रील्स में MNS प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। इसी को लेकर MNS कार्यकर्ताओं ने उन्हें कथित तौर पर पकड़कर हडपसर क्षेत्र में स्थित पार्टी संपर्क कार्यालय पहुंचाया। MNS नेताओं के मुताबिक, महेश मोटे को हडपसर सब-डिविजन के अध्यक्ष शुभम जगदाले के संपर्क कार्यालय ले जाया गया। वहां उनसे राज ठाकरे की तस्वीर के सामने झुककर अपनी कथित टिप्पणियों के लिए माफी मांगने को कहा गया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में महेश मोटे के चेहरे पर काली स्याही लगी हुई दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार, MNS कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनके चेहरे पर स्याही लगाई। इसके बाद उन्हें सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करने के लिए भी कहा गया। बाद में उनसे अपनी कथित टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड कराया गया। इस मामले पर MNS पुणे शहर अध्यक्ष साईनाथ बाबर ने India Today से बातचीत में कहा कि महेश मोटे ने राज ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक रील्स और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। उनका कहना था कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर रील बना सकता है, लेकिन पार्टी के नेता के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। MNS नेताओं ने आरोप लगाया कि महेश मोटे की एक रील में राज ठाकरे के खिलाफ अश्लील टिप्पणी की गई थी।
विवाद सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ MNS नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का जवाब बताया है, वहीं दूसरी तरफ घटना में कथित तौर पर इन्फ्लुएंसर को सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस घटना पर महेश मोटे का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक कार्रवाई या जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे शिकायत दर्ज होने या पुलिस जांच शुरू होने पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका और पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब MNS और राज ठाकरे से जुड़े विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहते हैं। पार्टी की राजनीति में मराठी भाषा और स्थानीय मुद्दे प्रमुख रहे हैं और अलग-अलग मौकों पर MNS कार्यकर्ताओं से जुड़े विवाद भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, इस मामले में पुराने विवादों और मौजूदा घटना को अलग-अलग रखते हुए पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
