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मुंबई में प्रदूषण पर BMC का बड़ा एक्शन: 53 निर्माण साइटों पर काम रोकने के नोटिस, 1,200 से ज्यादा साइटों तक पहुंची कार्रवाई

मुंबई में निर्माण गतिविधियों से बढ़ते धूल और वायु प्रदूषण पर BMC ने कार्रवाई तेज कर दी है। नवंबर 2025 में 53 निर्माण स्थलों को काम रोकने के नोटिस दिए गए थे। इसके बाद कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ा और जनवरी 2026 तक BMC ने सैकड़ों शो-कॉज और स्टॉप-वर्क नोटिस जारी किए। निर्माण स्थलों पर एयर क्वालिटी सेंसर, पानी का छिड़काव, साइट कवर, टायर-वॉशिंग और सड़क सफाई जैसे नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। सितंबर 2026 में BMC ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों को निर्माण परियोजनाओं की मंजूरी से जोड़ने का फैसला भी किया।

sd24 सित. 2026, 01:17 PM IST
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मुंबई में प्रदूषण पर BMC का बड़ा एक्शन: 53 निर्माण साइटों पर काम रोकने के नोटिस, 1,200 से ज्यादा साइटों तक पहुंची कार्रवाई

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निर्माण स्थलों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नवंबर 2025 में शहर की हवा खराब होने के बाद किए गए औचक निरीक्षणों में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन नहीं करने वाली 53 निर्माण साइटों को काम रोकने के नोटिस जारी किए गए थे। BMC की कार्रवाई का आधार निर्माण स्थलों के लिए जारी 28-बिंदु प्रदूषण नियंत्रण दिशा-निर्देश हैं। इनमें निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना, नियमित पानी का छिड़काव, साइट के चारों ओर धूल रोकने वाली व्यवस्था, वाहनों के टायर साफ करने की सुविधा, सड़कों की सफाई और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम को चालू रखना जैसे उपाय शामिल हैं।

53 नोटिस किन इलाकों में दिए गए?

नवंबर 2025 में जारी 53 स्टॉप-वर्क नोटिस में 17 नोटिस G-South वार्ड के सिद्धार्थ नगर, 5 E वार्ड के मजगांव और 31 P-North वार्ड के मालाड पश्चिम की निर्माण साइटों को दिए गए थे। BMC ने कहा था कि नियमों का पालन नहीं करने वाली अन्य साइटों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

एयर क्वालिटी सेंसर भी जांच के घेरे में

BMC ने निर्माण स्थलों पर प्रदूषण की निगरानी के लिए सेंसर आधारित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने की व्यवस्था की। नवंबर 2025 तक 662 सेंसर लगाए जा चुके थे, जबकि 251 अन्य सेंसर लगाने की प्रक्रिया चल रही थी। करीब 400 सेंसर केंद्रीय मॉनिटरिंग डैशबोर्ड से जोड़े जा चुके थे। BMC ने यह भी पाया कि कुछ सेंसर निष्क्रिय थे और ऐसे मामलों में कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बाद में यह व्यवस्था और व्यापक हुई। जनवरी 2026 में BMC ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि 19 जनवरी तक 1,292 सेंसर इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके थे, जबकि 110 इंस्टॉलेशन प्रक्रिया में थे। सेंसर नहीं लगाने या नियमों का पालन नहीं करने वाली करीब 662 साइटों को स्टॉप-वर्क नोटिस दिए गए थे।

दो हफ्ते में 409 शो-कॉज, 284 स्टॉप-वर्क नोटिस

BMC के मुताबिक 29 दिसंबर 2025 से 13 जनवरी 2026 के बीच सिर्फ एक पखवाड़े में 409 कारण बताओ नोटिस और 284 काम रोकने के नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों के पीछे साइट पर जरूरी प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कमी प्रमुख कारण रही। इनमें निर्माण सामग्री का खुले में होना, साइट की सीमा पर मेटल शीट नहीं होना, फॉगिंग मशीन का नहीं लगा होना या काम नहीं करना, टायर-वॉशिंग सुविधा की कमी, एयर क्वालिटी मॉनिटर का न होना और आसपास की सड़कों की सफाई नहीं होना शामिल था। जनवरी के अंत तक कार्रवाई और बढ़ी। एक रिपोर्ट के मुताबिक BMC की फ्लाइंग स्क्वॉड ने 1,206 स्टॉप-वर्क नोटिस जारी किए थे। इस दौरान शहर में 2,200 से ज्यादा सक्रिय निर्माण साइटों को लेकर प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी की जा रही थी।

सिर्फ निर्माण नहीं, सड़क की धूल और कचरा जलाने पर भी कार्रवाई

BMC ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण स्थलों के अलावा सड़क की धूल और खुले में कचरा जलाने पर भी कार्रवाई की। जनवरी 2026 में निगम ने बताया था कि सड़क की गहरी सफाई के लिए पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 126 कर दी गई थी। दिसंबर से जनवरी के बीच 73 खुले में कचरा जलाने के मामले पकड़े गए और ₹84,100 का जुर्माना वसूला गया।

मुंबई में प्रदूषण के पीछे कई कारण

BMC और विशेषज्ञों की रिपोर्टों में निर्माण गतिविधियों, सड़क की धूल और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को मुंबई के वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में गिना गया है। मौसम की परिस्थितियां भी प्रदूषकों के वातावरण में बने रहने को प्रभावित करती हैं। BMC के अनुसार मुंबई में आम तौर पर प्रदूषण का स्तर नवंबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च के दौरान ज्यादा रहता है।

बेकरी भी प्रदूषण नियंत्रण के दायरे में

BMC ने बेकरी इकाइयों को भी स्वच्छ ईंधन की ओर ले जाने की कार्रवाई शुरू की। जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार BMC क्षेत्र में 593 बेकरी थीं। इनमें से 239 पहले ही LPG, PNG या बिजली जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर रही थीं। 109 बेकरी अप्रैल 2025 के बाद स्वच्छ ईंधन पर शिफ्ट हुईं, जबकि 69 में प्रक्रिया चल रही थी। 170 बेकरी को नोटिस जारी किए गए थे।

सितंबर 2026 में BMC ने नियम और सख्त किए

प्रदूषण नियंत्रण को लेकर BMC ने सितंबर 2026 में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया। 2 सितंबर 2026 के सर्कुलर के अनुसार निर्माण परियोजनाओं में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करना मंजूरी प्रक्रिया से जोड़ा गया है। नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित लाइसेंस निलंबित करने और विकास अनुमति रद्द करने जैसी कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर Council of Architecture ने आपत्ति जताई है। परिषद का कहना है कि साइट पर रोजाना प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मालिक, डेवलपर और ठेकेदार की होती है। BMC की ओर से मामले को आगे संबंधित अधिकारियों और उच्चस्तरीय समिति के समक्ष उठाने की बात कही गई है।

अब BMC की नजर सिर्फ नोटिस पर नहीं, निगरानी पर

इस पूरी कार्रवाई से साफ है कि BMC ने मुंबई में निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नोटिस, सेंसर आधारित निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड, सड़क सफाई और परियोजना मंजूरी से जुड़े नियमों को एक साथ लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में नोटिस मिलने के बाद भी कुछ जगहों पर काम जारी रहने और जमीनी स्तर पर कार्रवाई के प्रभाव पर सवाल उठाए गए हैं।