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BJP का महा-सांगठिक फेरबदल: 36 राज्यों के प्रभारियों की पूरी लिस्ट जारी; स्मृति ईरानी को दोहरी कमान, राम माधव संभालेंगे उत्तराखंड-तमिलनाडु, जानें आपके राज्य का बॉस कौन?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मंजूरी के बाद पार्टी ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों (कुल 36) के लिए नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की अंतिम सूची जारी कर दी है। अगस्त में केंद्रीय टीम के गठन के बाद, इसे भाजपा का अब तक का सबसे बड़ा सांगठनिक पुनर्गठन माना जा रहा है। इस फेरबदल में न केवल दिग्गजों की बड़े स्तर पर संगठन में वापसी हुई है, बल्कि आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव (जैसे दिल्ली, राजस्थान) और आगामी लोकसभा की दीर्घकालिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की पुरजोर कोशिश की गई है।
sd24 सित. 2026, 01:22 PM IST

विस्तृत सांगठनिक रिपोर्ट (Detailed News Report)
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी की गई आधिकारिक मास्टर लिस्ट के अनुसार, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की पूरी सूची इस प्रकार है:
1. उत्तर भारत और हिंदी बेल्ट के राज्य
- उत्तर प्रदेश (UP): विनोद तावड़े (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा.
- उत्तराखंड: राम माधव (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज.
- बिहार: हरीश द्विवेदी (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: संगीता यादव और रोहन गुप्ता.
- मध्य प्रदेश (MP): बिप्लब कुमार देब (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: रेखा वर्मा.
- राजस्थान: संजय भाटिया (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: कविता पाटीदार और कुलजीत चहल.
- हरियाणा: स्मृति ईरानी (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: डॉ. भोला सिंह.
- छत्तीसगढ़: स्मृति ईरानी (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: सिद्धार्थ शंभू.
- हिमाचल प्रदेश: श्रीकांत शर्मा (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: दर्शना सिंह.
- झारखंड: गजेंद्र पटेल (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: निवेदिता सिंह.
2. पश्चिमी और दक्षिणी भारत के राज्य
- महाराष्ट्र: बैजयंत जय पांडा (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: अमित मालवीय, सदानंद शेट तनावाडे और कमलजीत सहरावत.
- गुजरात: तरुण चुघ (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: अजय महावर और गोमती साई.
- तमिलनाडु: राम माधव (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: निर्मल कुमार सुराणा और डी. के. अरुण.
- तेलंगाना: सुनील बंसल (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: अभय पाटिल और रेखा शर्मा.
- आंध्र प्रदेश: डॉ. अरविंद भदौरिया (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: वनथी श्रीनिवासन.
- कर्नाटक: हरीश द्विवेदी (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: कसम वेंकटेश्वरलू.
- केरल: एम. नागराजा (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: एम. वेंकटेशन.
- गोवा: भारती प्रवीण पवार (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: अनिल एंटनी.
3. सीमावर्ती, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्य
- पंजाब: डॉ. सतीश पूनिया (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: वीरेंद्र सचदेवा और डॉ. अलका गुर्जर.
- जम्मू-कश्मीर: सतीश पूनिया (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: रीना कश्यप.
- असम: मंगल पांडे (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: फांग्नोन कोन्याक और मनोज टिग्गा.
- पश्चिम बंगाल: सुनील बंसल (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: लाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह (बिहार) और पिंकी कुशवाहा (बिहार).
- ओडिशा: डी. पुरंदेश्वरी (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: डॉ. स्वदेश सिंह.
- मणिपुर: डॉ. राजदीप रॉय (प्रभारी).
- मेघालय: कनाद पुरकायस्थ (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: डॉ. नुमल मोमिन.
- मिजोरम: डॉ. भगवत कराड (प्रभारी).
- नागालैंड: अनिल एंटनी (प्रभारी).
- त्रिपुरा: मृगांका देव बर्मन (प्रभारी).
- सिक्किम: राजू बिस्ता (प्रभारी).
- अरुणाचल प्रदेश: डॉ. देवेश कुमार (प्रभारी).
4. प्रमुख केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories)
- दिल्ली (NCR): विनय सहस्रबुद्धे (प्रभारी)
- सह-प्रभारी: जामयांग त्सेरिंग नामग्याल और दर्शनाबेन जरदोश.
- चंडीगढ़: महेंद्र पांडे (प्रभारी).
- अंडमान-निकोबार: जय प्रकाश (प्रभारी).
- लद्दाख: राजकुमार भाटिया (प्रभारी).
- लक्षद्वीप: जॉर्ज कुरियन (प्रभारी).
- पुदुचेरी: के. सुरेंद्रन (प्रभारी).
- दादरा नगर हवेली और दमन-दीव: वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी (प्रभारी).
🧠 रणनीतिक विश्लेषण (Strategic Analysis for News Portal)
बीजेपी आलाकमान का यह महा-सांगठनिक बदलाव कई राजनीतिक मायनों में बेहद खास है:
- माइक्रो-मैनेजमेंट और कोर टीम: उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में भारी-भरकम सह-प्रभारियों की फौज उतारी गई है, जिससे जमीनी स्तर पर हर सांगठनिक क्षेत्र का स्वतंत्र प्रबंधन किया जा सके.
- समीकरण साधना: आगामी चुनावों वाले राज्यों (जैसे दिल्ली और हरियाणा) में सांगठनिक और बौद्धिक पकड़ रखने वाले नेताओं (विनय सहस्रबुद्धे और स्मृति ईरानी) को फ्रंट पर रखा गया है, ताकि सत्ता विरोधी लहर को कम किया जा सके.
- संघ-समन्वय: राम माधव की दोबारा कमान संभालने की घटना दिखाती है कि पार्टी दक्षिण (तमिलनाडु) और पहाड़ी राज्यों (उत्तराखंड) में संघ के पुराने कैडर को फिर से पूरी तरह सक्रिय करने के मूड़ में है.
