general

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट, SIT ने 8 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 74 हजार पन्नों की चार्जशीट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने आठ आरोपियों के खिलाफ करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। रिपोर्टों के मुताबिक, चार्जशीट में करीब 133 गवाहों के बयान और बड़ी संख्या में दस्तावेज शामिल हैं। जांच में मंदिर परिसर के कैश काउंटिंग सेंटर में कथित तौर पर नकदी हटाने या छिपाने की 105 घटनाओं का भी जिक्र है।

Kashish Rai25 सित. 2026, 06:00 PM IST
खबर शेयर करें:
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट, SIT ने 8 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 74 हजार पन्नों की चार्जशीट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बुधवार को SIT ने एंटी करप्शन कोर्ट में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेज करीब 74 हजार पन्नों के बताए जा रहे हैं। अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लिया है। जांच के मुताबिक, मामले में मंदिर में आने वाले चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी की जांच की गई। SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की। रिपोर्टों के अनुसार, काउंटिंग सेंटर में नकदी को कथित तौर पर हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं। जांच में बैंक तक रकम पहुंचाने के दौरान चोरी के सबूत नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।

 चार्जशीट में आठ गिरफ्तार आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें टिन्नू यादव उर्फ रामशंकर यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के नाम रिपोर्टों में सामने आए हैं।   अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मामले में आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। चार्जशीट में धाराओं के कुछ बदलाव की बात भी सामने आई है।

चार्जशीट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों को आरोपी बनाने के बजाय गवाह के रूप में शामिल किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम गवाहों में होने की बात सामने आई है।इस पर अयोध्या बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सवाल उठाए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि जिन लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी, उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया। हालांकि, ये आपत्तियां अधिवक्ताओं की ओर से उठाई गई हैं और इन पर अंतिम निर्णय अदालत की कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

जांच से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने आठ आरोपियों में से सात से करीब 79.8 लाख रुपये बरामद किए हैं। बरामदगी और कथित चोरी की रकम के हिसाब को लेकर भी मामले में सवाल उठाए गए हैं। चार्जशीट में बड़ी संख्या में दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। अभियोजन पक्ष इन साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित करने की कोशिश करेगा, जबकि आरोपियों की ओर से कानूनी आपत्तियां रखी जाएंगी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला जांच के चरण से आगे बढ़कर न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है। अब अदालत चार्जशीट, दस्तावेजों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं।