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विशाखापट्टनम में 459 सरकारी प्लॉट की ई-नीलामी, लगेगी बोली

राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) की विशाखापट्टनम स्थित 459 जमीनों की ई-नीलामी की तैयारी है। इन भूखंडों का कुल क्षेत्रफल 93,572.21 वर्ग गज है। ई-नीलामी अक्टूबर 2026 में दो चरणों में होगी, जिसमें पहले चरण में 243 और दूसरे चरण में 216 प्लॉट शामिल होंगे।

Neha Sharma26 सित. 2026, 01:55 PM IST
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विशाखापट्टनम में 459 सरकारी प्लॉट की ई-नीलामी, लगेगी बोली

विशाखापट्टनम: राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) की 459 भूमि पार्सल की ई-नीलामी की तैयारी पूरी कर ली है। ये जमीनें आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित हैं और कुल मिलाकर 93,572.21 वर्ग गज क्षेत्र में फैली हैं। RINL, विशाखापट्टनम स्टील प्लांट की कॉरपोरेट इकाई है और भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।


तीन इलाकों में स्थित हैं 459 भूखंड

NLMC के अनुसार नीलामी में शामिल जमीनें विशाखापट्टनम के HB Colony, Maddilapalem और Auto Nagar, Gajuwaka क्षेत्रों में हैं। कुल 459 भूखंडों में से 456 आवासीय प्लॉट HB Colony में हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 87,949.77 वर्ग गज है। इसके अलावा Auto Nagar, Gajuwaka में तीन भूखंड हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 5,622.44 वर्ग गज है।


इन भूखंडों का आकार करीब 128.94 वर्ग गज से 2,728 वर्ग गज तक है। Auto Nagar में 2,728 वर्ग गज का एक बड़ा भूखंड भी शामिल है। NLMC के मुताबिक ये जमीनें ऐसे स्थापित क्षेत्रों में हैं जहां सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं की पहुंच मौजूद है।


अक्टूबर में दो चरणों में होगी ई-नीलामी

RINL की इन जमीनों की ई-नीलामी RailTel E-Nivida e-Procurement Platform के माध्यम से दो चरणों में होगी। पहले चरण में 12 अक्टूबर 2026 को 243 भूखंडों की नीलामी होगी। इसके लिए पंजीकरण और EMD जमा करने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक है। दूसरे चरण में 16 अक्टूबर 2026 को 216 भूखंडों की नीलामी होगी। इसके लिए पंजीकरण और EMD जमा करने की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे निर्धारित की गई है।


प्रति प्लॉट ₹2 लाख EMD

ई-नीलामी में भाग लेने वाले इच्छुक बोलीदाताओं को ऑनलाइन पंजीकरण और KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रति प्लॉट ₹2 लाख की Earnest Money Deposit (EMD) निर्धारित की गई है। नीलामी से जुड़ी पात्रता, भूखंडों की जानकारी, आरक्षित कीमत और अन्य शर्तें आधिकारिक नीलामी दस्तावेजों में उपलब्ध हैं।


क्यों हो रही है जमीन की नीलामी?

यह प्रक्रिया National Land Monetization Corporation (NLMC) के उस व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है, जिसके तहत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी संस्थाओं की surplus land तथा non-core assets का संरचित तरीके से monetisation किया जाता है। NLMC भारत सरकार की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी है और वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है।


NLMC ने नीलामी से पहले संभावित बोलीदाताओं और निवेशकों को जमीनों, नीलामी प्रक्रिया, पात्रता, पंजीकरण और EMD से जुड़ी जानकारी देने के लिए विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में Investor Meets भी आयोजित किए हैं।