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महाड MIDC के Synergia Chem Industries जोरदार में धमाका, 4-5 किमी तक महसूस हुए झटके; घायलों की संख्या पर रिपोर्टों में अंतर
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड MIDC स्थित Synergia Chem Industries में जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। धमाके की आवाज और झटकों का असर करीब 4 से 5 किलोमीटर के दायरे में महसूस किए जाने की खबर है। शुरुआती रिपोर्ट में 3 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्ट में 4 घायलों का उल्लेख है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल, पुलिस और NDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला।

महाड, रायगढ़: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड औद्योगिक क्षेत्र में रविवार देर रात एक केमिकल कंपनी में हुए जोरदार धमाके से आसपास का इलाका दहल उठा। धमाके के बाद कंपनी परिसर में आग लग गई और देखते ही देखते चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया। धमाके के झटके करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर तक महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना महाड MIDC स्थित Synergia Chem Industries में हुई। सरकारी पर्यावरणीय रिकॉर्ड में भी इस कंपनी का पता C-57, MIDC Mahad, रायगढ़ दर्ज है।
धमाके के बाद मची अफरा-तफरी
धमाके के तुरंत बाद कंपनी में आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, प्रशासन और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर नियंत्रण पाने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया गया। लोकसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और NDRF की टीम ने भी राहत कार्य में हिस्सा लिया।
धमाके की वजह क्या थी?
धमाके के कारण को लेकर अभी पूरी तरह आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आजतक की शुरुआती रिपोर्ट में रिएक्टर की पाइप फटने के बाद धमाका होने की बात कही गई है। वहीं लोकसत्ता ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर उत्पादन प्रक्रिया के दौरान बॉयलर फटने की बात रिपोर्ट की है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को अंतिम वजह मानना उचित नहीं होगा।
घायलों की संख्या पर अलग-अलग जानकारी
हादसे में लोगों के घायल होने की पुष्टि विभिन्न रिपोर्टों में हुई है, लेकिन संख्या को लेकर अंतर है। आजतक की शुरुआती रिपोर्ट में 3 लोगों के घायल होने और कुछ की हालत गंभीर होने की जानकारी दी गई थी। वहीं सुबह अपडेट हुई लोकसत्ता की रिपोर्ट में 4 लोगों के घायल होने और उनके महाड ग्रामीण अस्पताल में इलाज चलने की बात कही गई है।
फिलहाल घटना की वास्तविक वजह, नुकसान की पूरी तस्वीर और घायलों की अंतिम संख्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। घटना ने महाड के औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल प्लांट्स की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
