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एंटीलिया विस्फोटक मामले में सचिन वाजे को जमानत, मुंबई की विशेष NIA अदालत का बड़ा फैसला
मुंबई की विशेष NIA/UAPA अदालत ने 29 सितंबर 2026 को पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन हिंदुराव वाजे की जमानत अर्जी मंजूर कर दी। अदालत ने 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानतदार समेत कई कड़ी शर्तें लगाई हैं। गवाहों की गवाही पूरी होने तक वाजे को मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और नवी मुंबई की सीमा में रहने या प्रवेश करने पर रोक रहेगी।
Kalpana Gautam30 सित. 2026, 12:38 PM IST

मुंबई: एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी SUV मिलने और कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत से जुड़े मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को बड़ी राहत मिली है। मुंबई की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में विशेष NIA/UAPA (National Investigation Agency and Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967) अदालत ने 29 सितंबर 2026 को वाजे की जमानत अर्जी मंजूर कर दी।
विशेष न्यायाधीश चकोर एस. बाविस्कर ने आदेश में कहा कि वाजे को 1 लाख रुपये के पर्सनल रिकग्निजेंस बॉन्ड और इतनी ही राशि के स्थानीय सक्षम जमानतदार पर रिहा किया जाए। हालांकि, जमानत के साथ कई कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
अदालत के आदेश के अनुसार, मामले के महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही पूरी होने तक वाजे मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों की सीमा में न तो रह सकेंगे और न ही प्रवेश कर सकेंगे। उन्हें इन पांच जिलों से बाहर रहना होगा और केवल मुकदमे की सुनवाई के लिए अदालत में आना होगा। सुनवाई के बाद उन्हें इन जिलों की सीमा से बाहर अपने निवास पर लौटना होगा।
वाजे को सात दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित निवास का पता अदालत में देना होगा। NIA उस पते का सत्यापन करेगी। उन्हें अपना सक्रिय मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराना होगा और NIA या स्थानीय पुलिस द्वारा किए जाने वाले फोन, व्हाट्सऐप या वीडियो कॉल का जवाब देना होगा। आदेश में जरूरत पड़ने पर उनकी लोकेशन ट्रैक किए जाने की भी अनुमति दी गई है।
इसके अलावा, वाजे को हर रविवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अपने निवास क्षेत्र के संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी। उन्हें मामले के किसी भी गवाह या उसके रिश्तेदारों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क करने और किसी भी सबूत से छेड़छाड़ करने से भी रोक दिया गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान NIA ने जमानत का विरोध किया था और वाजे पर आपराधिक साजिश, हत्या समेत कई गंभीर आरोपों में संलिप्तता का आरोप लगाया था। दूसरी ओर, वाजे की ओर से लंबे समय से हिरासत, मुकदमे में देरी और अन्य आरोपियों को मिली जमानत का हवाला दिया गया।
कोर्ट के आदेश में यह भी दर्ज है कि वाजे के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं और मामले में बड़ी मात्रा में दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि शर्तों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा और उसके कानूनी परिणाम होंगे।
क्या है मामला?
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, फरवरी 2021 में मनसुख हिरेन की स्कॉर्पियो कार एंटीलिया के पास विस्फोटक सामग्री और धमकी भरे नोट के साथ मिली थी। इसके बाद मनसुख हिरेन की मौत का मामला भी सामने आया। NIA ने बाद में मामले की जांच अपने हाथ में ली और सचिन वाजे समेत आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मामले में UAPA समेत कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।
