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पुणे में 15 साल पुराना जमीन विवाद खत्म! बाणेर-पाषाण लिंक रोड के लिए ₹68 करोड़ मुआवजा

पुणे: बाणेर-पाषाण लिंक रोड परियोजना के लिए करीब 15 साल से चली आ रही जमीन अधिग्रहण की बाधा अब दूर हो गई है। पुणे महानगरपालिका ने संबंधित जमीन मालिकों को करीब ₹68 करोड़ का मुआवजा दिया है। इसके बाद अंतिम अधिग्रहण अवॉर्ड जारी किया गया और अब जमीन का भौतिक कब्जा लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। करीब 200 मीटर लंबे हिस्से के कारण सड़क परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी।

Neha Sharma30 सित. 2026, 05:39 PM IST
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पुणे में 15 साल पुराना जमीन विवाद खत्म! बाणेर-पाषाण लिंक रोड के लिए ₹68 करोड़ मुआवजा

पुणे: बाणेर और पाषाण इलाके के बीच कनेक्टिविटी सुधारने वाली बहुप्रतीक्षित बाणेर-पाषाण लिंक रोड परियोजना के लिए लंबे समय से चला आ रहा जमीन अधिग्रहण का अड़ंगा अब दूर हो गया है। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने संबंधित जमीन मालिकों को करीब ₹68 करोड़ का मुआवजा दिया है। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा अंतिम अवॉर्ड जारी किया गया और अब अधिग्रहित जमीन का भौतिक कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


15 साल से अटका था जमीन अधिग्रहण

बाणेर-पाषाण लिंक रोड के लिए प्रस्तावित 36 मीटर चौड़ी सड़क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जमीन अधिग्रहण की समस्या के कारण वर्षों से अधूरा पड़ा था। यह सड़क पुणे के विकास योजना (DP) का हिस्सा है और पाषाण क्षेत्र में सर्वे नंबर 134 (हिस्सा), 135, 136, 137, 138 और 140 से होकर गुजरती है। लगभग 1.2 किलोमीटर लंबी इस सड़क का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका था, लेकिन करीब 200 मीटर के हिस्से के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना पूरी नहीं हो पा रही थी।


₹68 करोड़ का मुआवजा दिया गया

PMC ने जमीन अधिग्रहण से संबंधित कानूनी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित जमीन मालिकों को लगभग ₹68 करोड़ का मुआवजा दिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने अंतिम अधिग्रहण अवॉर्ड घोषित किया। अब PMC की टीम मौके पर जाकर जमीन का आधिकारिक कब्जा लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। कब्जा मिलने के बाद सड़क विभाग द्वारा बचे हुए निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।


बाणेर, पाषाण और सुतारवाड़ी के लोगों को फायदा

लिंक रोड पूरी होने के बाद बाणेर, पाषाण, सुतारवाड़ी और आसपास के इलाकों के बीच एक अतिरिक्त कनेक्टिविटी मार्ग उपलब्ध होगा। अधिकारियों और रिपोर्टों के अनुसार, इससे मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इस परियोजना से करीब 2.5 लाख लोगों को संभावित रूप से लाभ मिलने की बात कही गई है।


कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तेज हुई प्रक्रिया

जमीन अधिग्रहण में लगातार हो रही देरी को लेकर Baner-Pashan Link Road Welfare Trust ने 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। इसके बाद अदालत ने PMC को जमीन अधिग्रहण और सड़क निर्माण को लेकर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अब करीब 15 साल से लंबित जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क के बाकी हिस्से का निर्माण आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।


अब आगे क्या होगा?

फिलहाल PMC द्वारा अधिग्रहित जमीन का भौतिक कब्जा लेने की प्रक्रिया जारी है। इसके पूरा होने के बाद सड़क विभाग द्वारा अधूरे हिस्से का निर्माण शुरू किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में सड़क को यातायात के लिए खोलने की कोई निश्चित नई तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि भूमि अधिग्रहण की बड़ी बाधा दूर हो गई है और निर्माण का रास्ता साफ हुआ है, लेकिन अंतिम उद्घाटन की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।