general

रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर 8 छात्रों की डूबने से मौत, पुणे से टूर पर आया था 48 लोगों का दल

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दिवेआगर बीच पर 1 अक्टूबर 2026 को बड़ा हादसा हो गया। पुणे के आलंदी स्थित विनर्स एकेडमी से 11वीं-12वीं के छात्रों का 48 सदस्यीय दल टूर पर आया था। समुद्र में नहाने के दौरान 8 छात्र डूब गए। सभी मृतक 16 साल के थे और पुणे के आलंदी के रहने वाले थे। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी के शव बरामद कर लिए गए।

Kashish Rai02 अक्टू. 2026, 07:31 PM IST
खबर शेयर करें:
रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर 8 छात्रों की डूबने से मौत, पुणे से टूर पर आया था 48 लोगों का दल

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दिवेआगर बीच पर 1 अक्टूबर 2026 को दर्दनाक हादसा हुआ। पुणे के आलंदी स्थित विनर्स एकेडमी से 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों का एक दल दिवेआगर घूमने आया था। समुद्र में नहाने के दौरान 8 छात्र गहरे पानी में चले गए और डूब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और छात्रों के परिवारों में मातम छा गया। पुलिस के मुताबिक, विनर्स एकेडमी का कुल 48 सदस्यीय दल दिवेआगर पहुंचा था। इसमें 25 लड़के, 17 लड़कियां और 6 शिक्षक शामिल थे। सभी पुणे के आलंदी स्थित कोचिंग संस्थान से जुड़े थे। छात्र दिघी सागरी इलाके में समुद्र किनारे घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ छात्र समुद्र में नहाने के लिए उतर गए। अचानक पानी में फंसने के कारण 8 छात्र डूब गए।


घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों, पुलिस और बचाव दल ने समुद्र में तलाश शुरू की। स्थानीय वॉटर स्पोर्ट्स संचालक भाऊ मारुति सालुंखे और उनकी टीम ने भी छात्रों की तलाश में मदद की। पुलिस टीम के साथ दिघी सागरी बोर्ली पंचतन पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष आवटी भी मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की मदद भी ली गई। पुलिस के अनुसार, तलाश के बाद सभी 8 छात्रों के शव बरामद कर लिए गए। शवों को पानी से बाहर निकालकर आगे की चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया के लिए बोर्ली पंचतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।


पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले सभी छात्र 16 वर्ष के थे और पुणे के आलंदी के रहने वाले थे। मृत छात्रों की पहचान तन्मय दत्तात्रय वाहिले, सुमित भरत अहिरे, प्रणव रामदास बानसोडे, कैवल्य सतीश वासंकर, राजवीर युवराज वाहिले, यश किरण वानखेड़े, सोहम तुकाराम भंडवलकर और कौस्तुभ संदीप दौंड के रूप में हुई है। हादसे के बाद मृत छात्रों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से मामले में आगे की आधिकारिक और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे ने समुद्र किनारे शैक्षणिक टूर के दौरान छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।