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CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की चेतावनी: ‘3 दिन नहीं, 3 महीने जेल में डालो, लेकिन प्रदर्शन होकर रहेगा’

मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 2 अक्टूबर को प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। CJP ने महाराष्ट्र के बाद दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शन करने और अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन की बात कही है।

Kashish Rai02 अक्टू. 2026, 07:30 PM IST
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CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की चेतावनी: ‘3 दिन नहीं, 3 महीने जेल में डालो, लेकिन प्रदर्शन होकर रहेगा’

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती है, तब भी वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार अगर प्रदर्शन करने के मामले में उन्हें जेल भेजती है तो भी उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि तीन दिन की बजाय तीन महीने के लिए जेल में डाल दिया जाए, लेकिन प्रदर्शन नहीं रुकेगा। उन्होंने मुंबई पुलिस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस स्थिति को सही तरीके से संभालेगी।


यह विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर है। दिपके ने आरोपों के संदर्भ में CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी है। इसके अलावा संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता और नागरिक समाज की भागीदारी की मांग की है। CJP ने 2025 की मतदाता सूची को स्थिर रखने और आगे उसमें बदलाव नहीं करने की मांग भी उठाई है। मतदाता सूची में बदलाव को लेकर दिपके ने 13 करोड़ वोट हटाए जाने के दावे पर सवाल उठाया। हालांकि, यह आंकड़ा CJP और विपक्ष की ओर से किए गए दावों से जुड़ा है। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों का सर्वसम्मत फैसला बताया है।


दिपके ने महाराष्ट्र में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि महाराष्ट्र से शुरू हुए ये मुद्दे अब देश के दूसरे हिस्सों में भी चर्चा का विषय बन गए हैं। CJP ने गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में प्रदर्शन करने की बात कही है। मुंबई में 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी विवाद है। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद CJP की ओर से जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी गई। संगठन ने कहा है कि अगर उसकी मांग पूरी नहीं होती है तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया जाएगा। वहीं, संगठन से जुड़े आशुतोष रांका ने प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को रैली की अनुमति मिलती है, जबकि उनके प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने इसे लेकर पुलिस से सवाल किए हैं। फिलहाल प्रदर्शन की अनुमति और CJP की आगे की रणनीति को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।