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दिल्ली-मुंबई में प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी का हमला, बोले- ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे, उन्हें बैठाने वाले भी’
वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई में हुए प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी मांग साफ है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

दिल्ली और मुंबई में ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर निशाना साधा। गांधी जयंती के मौके पर देश के कई शहरों में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और युवाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन को लेकर पोस्ट करते हुए दावा किया कि हजारों युवा कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक और बिना हिंसा के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी-शाह सरकार प्रदर्शन कर रहे लड़के-लड़कियों को सड़कों पर घसीट रही है और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। राहुल गांधी ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने लोगों को सच बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से लड़ने की सीख दी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से लोगों की आवाज और सवालों को नहीं रोका जा सकता। अपनी पोस्ट के अंत में राहुल गांधी ने कहा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वह भी जाएगा।”
दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियों, आम आदमी पार्टी, छात्र और युवा संगठनों के लोग शामिल हुए। पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, CPI(M) महासचिव एमए बेबी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज और संजीव झा समेत कई विपक्षी नेता भी प्रदर्शन में पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिनभर चले प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,100 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ लोगों को बाद में छोड़ दिया गया। प्रदर्शन को लेकर विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच कार्रवाई को लेकर भी बयान सामने आए।
इसी बीच मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संगठन ने पहले ही घोषणा की थी कि मुंबई से शुरू किया गया आंदोलन आगे देश के दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा। शुक्रवार को मुंबई का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद दिपके वहां से रवाना हुए। दिल्ली और मुंबई के इन प्रदर्शनों के दौरान विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपने आरोप दोहराए। वहीं, सत्ता पक्ष और चुनाव व्यवस्था से जुड़े पक्षों का रुख इन आरोपों से अलग रहा है। ऐसे में ‘वोट चोरी’ और SIR को लेकर राजनीतिक विवाद आगे भी जारी रहने की संभावना है।
